सीजफायर की जानकारी लीक होने का शक, ट्रंप प्रशासन ने कसा शिकंजा

नई दिल्ली
अमेरिका और ईरान इस वक्त युद्ध में उलझे हुए हैं। दुनिया की सबसे मजबूत और आधुनिक सेना रखने का दम भरने वाले अमेरिका को इस युद्ध से ज्यादा परेशानी नहीं हो रही है। लेकिन हाल ही में कुछ ऐसा हुआ है, जिसने ट्रंप प्रशासन को अंदर से हिलाकर रख दिया है। हां, वह है ईरान युद्ध पर लग रहे ऑनलाइन सट्टे ने। आलम यह है कि दुनिया के सबसे आधुनिक देश का तमगा लिए बैठे अमेरिका को अब अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के कर्मचारियों पर ही भरोसा नहीं है। वाइट हाउस में सभी की जांच हो रही है और इस बात का पता लगाया जा रहा है कि कहीं किसी ने जानकारी को लीक तो नहीं कर दिया।
वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों को संदेह है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म्स पर सट्टेबाजी के जरिए पैसा कमाने के लिए किसी कर्मचारी ने वाइट हाउस के अंदर की बातें लीक कर दी हों। इस संदेह का सबसे बड़ा कारण तब बना था, जब सीजफायर को लेकर सट्टा बाजार में दांव लगा था। उस समय पर तीन अज्ञात लोगों ने अप्रैल में सीजफायर होने का दावा किया था। इसके बाद जब डोनाल्ड ट्रंप ने 8 अप्रैल को सीजफायर का ऐलान किया तो इन लोगों ने करीब 600,000 डॉलर की राशि जीती थी।
गुमनाम रहता है सट्टेबाजी वेबसाइट का उपयोगकर्ता
अमेरिकी अधिकारियों की सट्टाबाजार को लेकर दूसरी परेशानी यह है कि इसका पता नहीं लगाया जा सकता कि आखिर दांव खेल कौन रहा है। क्योंकि सट्टा लगवाने वाले बेवसाइट अपने उपयोगकर्ताओं को गुमनाम खाता बनाने की अनुमति देता है। इसलिए इनका पता नहीं लगाया जा सकता। वाइट हाउस के वकीलों ने बताया कि अब जबकि फिर से युद्ध शुरू हो गया है और बड़े स्तर पर सट्टा लगाया जा रहा है। इसलिए वाइट हाउस के कर्मचारियों की स्क्रूटनी शुरू की गई है। इसमें एक कार्रवाई भी की गई है।
ट्रंप के टेली प्रॉम्पटर ऑपरेटर को छुट्टी पर भेजा
सट्टेबाजी में वाइट हाउस के अंदर की बातों के लीक होने के खतरे के देखते हुए सभी कर्मचारियों की स्क्रूटनी की गई। इसमें पता चला कि ट्रंप का टेली प्रॉम्पटर ऑपरेस करने वाले गैब्रियल पेरेज पहले से ही सट्टाबाजी में संलिप्त रहे हैं। इसके अलावा उनके ऊपर राष्ट्रपति के भाषणों पर पहले से पहुंच का फायदा उठाने का भी आरोप लगा है।
मीडिया में जब यह खबरें आई, तो वाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलीन लेविट से इसके बारे में पूछा गया। उन्होंने स्वीकार किया कि वाइट हाउस में किसी को इसके बारे में जानकारी नहीं थी। लेकिन गैब्रियल को कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन के तहत जांच के घेरे में लाया गया। और पता चला कि उन्होंने सट्टे में करीब एक मिलियन डॉलर का दाव लगाया था।
लैविट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस बात से बेहद नाराज हैं कि उनके अपने प्रशासन के लोग ही अंदर की जानकारी का फायदा उठाकर सट्टेबाजी में पैसा कमा रहे हैं। जानकारी सामने आने के बाद पैरेज को बिना वेतन अवकाश पर भेज दिया गया है। बता दें, पेरेजे ट्रंप के साथ 2016 से जुड़े हुए हैं।



