Jabalpur में गड़बड़ी पर शिकंजा, पुराने गेहूं की बिक्री के शक में गोदामों पर ताला

जबलपुर.

प्रशासनिक अमले द्वारा जिले में स्थित ऐसे कई निजी गोदामों को सील करने की कार्रवाई की गई, जहां गेहूं का भंडारण पाया गया था। ज्ञात हो कि समर्थन मूल्य पर उपार्जन में पुराने गेहूं की रीसाइक्लिंग की आशंका को देखते हुये कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने आदेश जारी कर जिले में स्थित निजी गोदामों से गेहूं की निकासी पर उपार्जन अवधि तक प्रतिबंध लगा दिया है।

कलेक्टर के आदेश पर ऐसे सभी गोदामों को सील किया जा रहा है, जहां पूर्व वर्ष का गेहूं रखा हुआ है, ताकि किसानों की आड़ में बिचौलियों या व्यापारियों द्वारा पहले से भंडारित गेहूँ को उपार्जन केंद्रों पर बेचा न जा सके।

गोदामों में भंडारित गेहूं की निकासी पर रोक
जबलपुर जिले में गेहूं उपार्जन में फर्जीवाड़ा रोकने गोदामों में भंडारित गेहूं की निकासी पर रोक लगाने के अलावा भी ऐसे कई कदम उठाये जा रहे है, जिससे वास्तविक किसानों को ही उपार्जन व्यवस्था का लाभ मिल सके।
किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं के उपार्जन के लिए बनाए गए खरीदी केंद्रों की गतिविधियों पर नजर रखने प्रत्येक खरीदी केंद्र पर एक नोडल अधिकारी को तैनात किया गया है। इसके साथ ही जिला प्रशासन द्वारा अवैध रूप से भंडारित गेहूं की सूचना देने वालों को 5 हजार रुपये से 21 हजार रुपये तक के नकद पुरस्कार देने की घोषणा भी की गई है।

डेटा एनालिसिस सेल का गठन
इस वर्ष उपार्जन प्रक्रिया की निगरानी हेतु डेटा एनालिसिस सेल का गठन किया गया है, जो जेनरेटिव एआइ तकनीक के माध्यम से कार्य करेगा। यह सेल पिछले तीन से चार वर्षों के राजस्व, खाद वितरण एवं पंजीयन संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण कर असामान्य प्रवृत्तियों की पहचान करेगा।
इस तकनीक के माध्यम से संदिग्ध लेन-देन एवं बिचौलियों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी, ताकि केवल वास्तविक एवं पात्र किसान ही उपार्जन केंद्रों पर अपनी उपज विक्रय कर सकें। गेहूं उपार्जन के लिये पंजीयन कराने वाले किसानों को समय पर सूचना उपलब्ध कराने एसएमएस प्रणाली भी लागू की गई है, जिसके माध्यम से किसानों को उपार्जन से संबंधित जानकारी प्रदान की जा रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button