पेपर लीक पर राजनीति नहीं होनी चाहिए: NEET मुद्दे पर पीएम मोदी ने छात्रों के हित को बताया सर्वोच्च

नई दिल्ली
प्रधानमंत्री ने संसदीय दल की बैठक में नीट परीक्षा पेपर लीक मामले पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई की और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया गया. पेपर लीक के बाद दोबारा परीक्षा भी कराई गई. प्रधानमंत्री ने इस पूरे मामले को 'घोर पाप' बताया और कहा कि सभी राज्य सरकारों को मिलकर काम करना होगा ताकि आगे कभी पेपर लीक जैसी घटना न हो।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि इस मामले में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. उन्होंने बताया कि अब तक कुल 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. प्रधानमंत्री ने इस पर जोर दिया कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करे।
प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब नीट परीक्षा पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों और अभिभावकों में गुस्सा देखा गया. लाखों छात्रों का भविष्य इस परीक्षा से जुड़ा है, इसलिए पेपर लीक की खबर सामने आते ही यह मुद्दा बड़ा राष्ट्रीय विषय बन गया।
सरकार ने इसके बाद जांच एजेंसियों को मामले की तह तक जाने का निर्देश दिया, जिसके नतीजे में गिरफ्तारियां हुईं और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हुई।
प्रधानमंत्री ने संसदीय दल की बैठक में यह भी कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़ा कोई भी मामला हल्के में नहीं लिया जा सकता. उन्होंने राज्य सरकारों से अपील की कि परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाया जाए ताकि पेपर लीक जैसी घटनाएं दोबारा न हों। सरकार की तरफ से यह संदेश साफ है कि परीक्षा से जुड़े किसी भी तरह के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी।
छात्रों के हित हमारे लिए सबसे ऊपर
पीएम नरेंद्र मोदी ने आज एनडीए मंगल मिलन समारोह में नीट परीक्षा से लेकर हर मुद्दे पर बोले. उन्होंने कहा कि पेपरलीक पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि छात्रों के हित हमारे लिए सबसे ऊपर हैं. गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से जंतर-मंतर पर सीजेपी नीट परीक्षा में पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन कर रही है।
पीएम मोदी ने एनडीए संसदीय दल को संबोधित करते हुए कई देशों के साथ जो एग्रीमेंट हुए हैं उसमें किसानों के हितों का खास ध्यान रखा गया है. उन्होंने कहा कि जिन भी देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हुए हैं उसमें किसानों के हितों का पूरा ख्याल रखा गया है।



