2017 से ही सपा का साथ छोड़ चुका है युवा, चुनाव में सिखाया था सबक: दिनेश प्रताप सिंह

लखनऊ
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर भाजपा ने तीखा हमला बोला है। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव को मुंगेरीलाल के हसीन सपने देखना बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश का युवा 2017 से ही सपा का साथ छोड़ चुका है और 2027 के विधानसभा चुनाव में भी पार्टी को सबक सिखाएगा। वहीं, प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने सपा पर हिंदू आस्था को ठेस पहुंचाने और समाज को जातियों में बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया।

दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि 2017 से पहले जनता सपा सरकार से नाराज थी और उसने चुनाव में अपना जवाब दिया था। सपा शासनकाल में नौकरी मांगने वाले युवाओं पर लाठियां बरसाई गईं और उन्हें पर्याप्त रोजगार नहीं मिला। प्रदेश का युवा उस दौर को भूला नहीं है और आगामी विधानसभा चुनाव में सपा को फिर जवाब देगा।

आजम खान और राजकुमार भाटी पर अखिलेश से सवाल
आजम खान से अखिलेश यादव की प्रस्तावित मुलाकात पर दिनेश प्रताप सिंह ने सवाल उठाया कि सपा प्रमुख को अब उनकी याद क्यों आई? उन्होंने आरोप लगाया कि मुश्किल वक्त में पार्टी ने आजम खान को अलग-थलग छोड़ दिया और अब चुनावी समीकरणों के चलते उनसे संपर्क बढ़ाया जा रहा है। असदुद्दीन ओवैसी का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि सपा को डर है कि आजम खान किसी दूसरे राजनीतिक विकल्प की ओर जा सकते हैं।

दिनेश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने सार्वजनिक कार्यक्रम में भगवान राम, कृष्ण और अन्य हिंदू देवी-देवताओं को न मानने की बात कही है। उन्होंने अखिलेश यादव से इस बयान पर सपा का रुख स्पष्ट करने को कहा।

‘हिंदू आस्था पर चोट करना सपा की रणनीति’
भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि सपा हिंदू समाज को जातियों में बांटने और मुस्लिम मतदाताओं के तुष्टीकरण की राजनीति करती है। उन्होंने रामभक्तों पर गोली चलाने, रामचरितमानस विवाद और विधायकों को रामलला के दर्शन से रोकने जैसे प्रकरणों का उल्लेख कर अखिलेश यादव पर निशाना साधा।

भर्ती और शिक्षा व्यवस्था पर भी सपा को घेरा
त्रिपाठी ने सपा सरकार के दौरान भर्तियों में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद तथा शिक्षा व्यवस्था में नकल माफिया के प्रभाव का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि योगी सरकार में योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर भर्तियां हो रही हैं तथा शिक्षा में सुधार और रोजगार के नए अवसरों से युवाओं का भरोसा बढ़ा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button