जयपुर: मुख्यमंत्री ने पदोन्नति नियमों में छूट और नए पदों की घोषणा की

जयपुर
जयपुर सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कर्मचारियों और अधिकारियों के हित में कई बड़ी घोषणाएं की हैं. मुख्यमंत्री ने सहायक शासन सचिव के 15 नए पद सृजित करने का ऐलान किया. इसके साथ ही पदोन्नति को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए सरकार ने अनुभव की शर्त में 2 वर्ष की छूट देने की घोषणा की है, जिससे सचिवालय के बड़े वर्ग को लाभ मिलने की संभावना है.
इस फैसले से अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है. अनुकंपा नियुक्ति के दायरे को बढ़ाते हुए अब पुत्रवधू को भी इसका लाभ देने का फैसला किया गया है. आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर विचार के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी.
नवनिर्वाचित कार्यकारिणी की शपथ
शासन सचिवालय प्रांगण में राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी संघ की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन हुआ. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अध्यक्षता करते हुए नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इस दौरान मंत्री कन्हैयालाल चौधरी भी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने कहा कि पद केवल अधिकार नहीं बल्कि जिम्मेदारी भी है, और अधिकारियों का आचरण संतुलित, जवाबदेह और पारदर्शी होना चाहिए. उन्होंने कहा कि सचिवालय राज्य की 8 करोड़ जनता की उम्मीदों और योजनाओं का केंद्र है, जहां से महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं.
पारदर्शिता के साथ काम करने की अपील
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों से निष्ठा, समर्पण और पारदर्शिता के साथ काम करने की अपील की और कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान प्राथमिकता होनी चाहिए. उन्होंने मिशन कर्मयोगी का उल्लेख करते हुए कहा कि कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए नई तकनीक, ई-गवर्नेंस और पेपरलेस व्यवस्था को अपनाना जरूरी है.
सरकार की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल और बिजली व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष फोकस किया जा रहा है और आने वाले समय में प्रदेश में इन दोनों क्षेत्रों में और सुधार देखने को मिलेगा. कार्यक्रम में मुख्य सचिव बी. श्रीनिवास और संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अगवन शर्मा सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे.



