डॉ. यादव बोले – भाजपा कहती नहीं, करके दिखाती है, प्रदेश के 17 जिलों में महिलाएं कलेक्टर व 10 जिलों में एसपी हैं

भोपाल.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल एवं भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा ने रविवार को ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम को लेकर भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की आधी आबादी को देश की संसद और राज्यों की विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम लेकर आए। कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा विरोध कर संसद में ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम को गिराना महिलाओं के अधिकारों के चीरहरण जैसा है।

कांग्रेस व विपक्षी दलों ने एक विधेयक का नहीं महिलाओं को सशक्त बनाने और अधिकार देने का विरोध किया है। राष्ट्रहित के कार्य को कांग्रेस और विपक्षी दलों ने राजनीति के तराजू से तौला व महिला आरक्षण विधेयक को पारित नहीं होने देकर नारी शक्ति को उसका अधिकार नहीं मिलने दिया। कांग्रेस की एक नेत्री हैं जो कहती हैं कि लड़की हूं लड़ सकती हूं, उन्होंने भी महिला आरक्षण का पुरजोर विरोध कर देश की नारी शक्ति को अपमानित करने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी स्पष्ट कह चुके हैं कि महिलाओं को उनका अधिकार दिलाए बिना चैन से नहीं बैठेंगे। भाजपा कहती नहीं करते दिखाती है। मध्यप्रदेश के 17 जिलों में महिला अधिकारी कलेक्टर, 10 से अधिक जिलों में एसपी हैं। एक जिले में कलेक्टर, एसपी से लेकर अन्य अधिकारी भी महिलाएं हैं।

भाजपा प्रदेशभर में जन-जन को बताएगी कि किसने महिलाओं को अधिकार नहीं मिलने दिया। मध्यप्रदेश में भी इसको लेकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि महिला आरक्षण के विरोध से कांगेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की महिला विरोधी मानसिकता उजागर हो गई है। ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम के विरोध से विपक्ष का असली चेहरा जनता के सामने आ गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम लेकर आए हैं। महिलाओं को अधिकार देने का विरोध करने वाले राजनीतिक दलों को जनता और महिलाएं सबक जरूर सिखाएंगी।

भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा ने कहा कि महिला आरक्षण का विरोध करने वाली कांग्रेस पार्टी व विपक्षी दलों को देश की आधी आबादी कभी माफ नहीं करेगी। कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों ने सितंबर 2023 में ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम को इसलिए समर्थन किया था कि वर्ष 2024 में लोकसभा के चुनाव होने थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश की नारी शक्ति को वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए प्रस्ताव लेकर आए तो कांग्रेस और विपक्षी दलों ने महिला विरोधी असली रूप दिखा दिया। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके व अन्य विपक्षी दलों ने जिस प्रकार से लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम का विरोध किया है, उससे स्पष्ट हो गया है कि विपक्ष पहले ही मन बना चुका था कि महिलाओं को अधिकार न मिलने पाए, इसलिए संसद में विरोध किया।

कांग्रेस व विपक्ष ने महिलाओं की आकांक्षाओं व सपनों को आहत किया है – डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विपक्षी दलों द्वारा ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम का जिस प्रकार विरोध किया गया, उसे पूरे देश ने देखा है। यह सिर्फ एक साधारण विधेयक नहीं था, बल्कि महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें उनके अधिकार दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास था। विरोधी दलों के इस रवैये ने देश की महिलाओं की आकांक्षाओं और सपनों को आहत करने का काम किया है। देश ने 5 हजार वर्ष पुराने द्रौपदी के चीरहरण की कथा इतिहास में सुनी थी, लेकिन लोकतंत्र के मंदिर में बहनों के अधिकार व सम्मान के साथ जिस प्रकार विपक्षी दलों ने खिलवाड़ किया, वह अत्यंत पीड़ादायक और शर्मनाक है। ऐसे लोगों को देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी।

सदन में विरोधी दलों द्वारा ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम के खिलाफ अपनाई गई रणनीति यह दर्शाती है कि वे हमारे लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने का काम कर रहे हैं। विशेष रूप से कांग्रेस और डीएमके का रवैया ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम पर अत्यंत चिंताजनक रहा है। देश की जनता ने इस पूरे घटनाक्रम को देखा है और समय आने पर जनता ही इसका उचित जवाब देगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब वर्ष 2023 में देश की संसद और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम लेकर आए थे, तब कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों ने समर्थन किया था। लेकिन जब वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में इसे लागू करने का समय आया तो कांग्रेस व विपक्षी दलों ने इसका विरोध किया। कांग्रेस व विपक्षी दलों की यह पलटी अवसरपरस्ती का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है। वर्ष 2023 में विपक्ष इस अधिनियम को समर्थन के लिए इसलिए तैयार हो गया था कि उन्हें लगा था कि समर्थन नहीं करेंगे तो वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें नुकसान हो जाएगा। अब लोकसभा के चुनाव तीन साल हैं, ऐसे में विपक्षी दलों ने पलटी मारकर महिलाओं के अधिकारों को छीनने का कार्य किया है। 

भोपाल में 20 अप्रैल को निकाली जाएगी आक्रोश रैली, जन-जन को बताएंगे विपक्षी दलों की असलियत  
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर संसद में विपक्षी दलों द्वारा किया गया व्यवहार पूरी तरह से निंदनीय है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद में कहा था कि आज भले हम दो तिहाई नहीं हैं, लेकिन 100 प्रतिशत बहनों का दिल दुखाने के लिए देश विपक्षी दलों को माफ नहीं करेगा। महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण के खिलाफ जिस तरीके से कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों ने कार्य किया है, उसको लेकर भाजपा देशभर में जनता के समक्ष जाएगी। देश में सबसे बड़ी अदालत जनता की अदालत होती है।

भाजपा जनता को यह बताएगी कि किस प्रकार से विपक्षी दलों ने महिलाओं के अधिकार छीनने का पाप किया है। कल सोमवार 20 अप्रैल को भोपाल में बड़ी आक्रोश रैली व पदयात्रा निकाली जाएगी। इसी प्रकार से आने वाले दिनों में भाजपा संगठन सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर प्रदेश के अन्य बड़े जिलों, संभागों में आक्रोश रैली व पदयात्राएं निकालकर जनता तक अपनी बात पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा चुप नहीं बैठने वाली है। जब तक महिलाओं को उनका अधिकार नहीं दिला दिया जाता, भाजपा प्रयास करती रहेगी। प्रदेश के विधानसभा का एक दिवसीय सत्र बुलाया जाएगा, जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा होगी। प्रदेश के सभी नगर पालिका, नगर पंचायतों और नगर निगमों में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने के लिए प्रस्ताव पारित कराए जाएंगे। 

नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम का विरोध विपक्षी दलों की अलगाववादी मानसिकता को दिखाता है
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अधिनियम के विभिन्न बिंदुओं को बारीके से सदन में स्पष्ट किया। प्रधानमंत्री ने तो बड़ा मन करके महिलाओं को आरक्षण दिलाने के लिए सभी विपक्षी दलों को खुला पत्र भी लिखा कि कोई राजनीतिक दल यह नहीं कह सके कि हमें नहीं बताया, हमसे नहीं पूछा। लेकिन जिस ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम पर वर्ष 2023 में विपक्षी दल समर्थन में थे, आज उसी का खुलेआम विरोध किया। अधिनियम का विरोध विपक्षी दलों की अलगाववादी मानसिकता को दिखाता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में स्पष्ट किया कि वर्ष 1971 में देश की आबादी 54-55 करोड़ थी तो उस हिसाब से सीटें थीं। आज देश की आबादी करीब 140 करोड़ है तो उस हिसाब से लोकसभा की सीटें बढ़ेंगी। लेकिन विपक्षी दलों ने यह भ्रम फैलाने का प्रयास किया कि दक्षिण के राज्यों की सीटें कम हो जाएंगी। कांग्रेस, डीएमके व अन्य विपक्षी दलों ने यह झूठ फैलाकर अलगाववादी मानसिकता को प्रदर्शित किया है। महिलाओं को अधिकारों से वंचित करने के लिए कांग्रेस व विपक्षी दलों ने जिस प्रकार झूठ और भ्रम का सहारा लिया है, उसकी असलियत भाजपा जनता को बताएगी। भाजपा महिलाओं को देश की संसद और राज्यों की विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने तक चुप नहीं बैठेगी। भाजपा महिलाओं को उनका अधिकार दिलाकर रहेगी, क्योंकि भाजपा जो कहती है, उसे पूरा करके दिखाती है। 

कांग्रेस व विपक्षी दल हमेशा से महिलाओं को अधिकार देने के पक्ष में नहीं थे – हेमंत खण्डेलवाल
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और अन्य विपक्षी दल हमेशा से महिलाओं को अधिकार देने के पक्ष में नहीं थे। ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम को लेकर लोकसभा में जो घटनाक्रम हुआ वह सिर्फ एक संसदीय परंपरा नहीं बल्कि देश की आधी आबादी से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय था। राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडी गठबंधन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनकी मानसिकता महिला विरोधी है। ‘नारी शक्ति वंदन‘ विधेयक का लोकसभा में पारित न हो पाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह विधेयक देश की माताओं-बहनों को सशक्त बनाने, उन्हें निर्णय प्रक्रिया में उचित भागीदारी दिलाने तथा नए भारत के निर्माण में उनकी भूमिका को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल थी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने अपनी संकीर्ण राजनीति और स्वार्थ के चलते इस महत्त्वपूर्ण विधेयक को गिराने का काम किया, जो स्पष्ट रूप से उनके महिला विरोधी चरित्र को उजागर करता है।

यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने महिलाओं को अधिकार नहीं मिलने दिया। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के समय भी इसको  लेकर प्रयास किए गए, तब भी कांग्रेस और विपक्षी दलों ने अड़ंगा लगा दिया था। कांग्रेस के शासनकाल में तो महिला आरक्षण को लेकर कोई प्रयास ही नहीं किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार योजनाएं बनाकर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एनडीए सरकार सदैव नारी सम्मान, सुरक्षा तथा सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केन्द्र एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश प्रदेश की भाजपा सरकार महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर ऐतिहासिक निर्णय ले रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति को उसका पूर्ण अधिकार दिलाने के लिए भाजपा सरकारें संकल्पित हैं।

महिलाएं 70 साल से अपने अधिकार की लड़ाई लड़ रहीं, कांग्रेस विरोध कर रही – रेखा वर्मा
भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा ने कहा कि देश की महिलाएं 70 साल से अपने अधिकार की लड़ाई लड़ रही हैं। संसद और राज्यों की विधानाभाओं में देश की आधी आबादी को 33 प्रतिशत आरक्षण उनका अधिकार है। आजादी के बाद करीब 50 सालों तक देश में शासन करने वाली कांग्रेस पार्टी ने महिलाओं को कभी उनका अधिकार दिलाने के लिए प्रयास नहीं किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम लाकर देश की आधी आबादी को उनका अधिकार दिलाने का प्रयास किया, लेकिन कांग्रेस फिर विरोध में उतर आई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश की आधी आबादी को उनका अधिकार दिलाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। वर्ष 2023 में संसद में यह विधेयक लाया गया, तब कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों ने इसलिए समर्थन कर दिया, क्योंकि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का डर था।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब महिलाओं को वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव से उनका अधिकार दिलाने के लिए संसद का विशेष सत्र में इसे पारित कराना चाहा तो विपक्षी दलों ने विरोध कर दिया। दरअसल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, डीएमके व अन्य विपक्षी दल महिलाओं को उनका अधिकार मिलने ही नहीं देना चाहते हैं। महिलाओं को अधिकारों से वंचित करने पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के खिलाफ देशभर की महिलाएं आक्रोशित हैं। सोशल मीडिया और विभिन्न प्लेटफार्म के जरिए देश की नारी शक्ति आक्रोश व्यक्त कर रही है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम से देश की उन महिलाओं में बड़ी आशा जागी थी, जो अभी तक पंच, सरपंच, जनपद व जिला पंचायत के विभिन्न पदों पर चुनी हुई हैं। महिलाओं को आशा थी कि अब देश की संसद और राज्यों की विधानसभाओं में उन्हें प्रतिनिधित्व मिलेगा तो महिलाओं के अधिकारों को प्रमुखता से रख सकेंगी, लेकिन कांग्रेस व विपक्षी दलों ने महिलाओं के सपनों को चकनाचूर कर दिया।

श्रेय मिलने के बाद भी विपक्ष महिलाओं को उनके अधिकार नहीं मिलने देना चाहता
भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम के सभी बिंदुओं पर विस्तार से संसद में जानकारी दी। विपक्षी की सभी शंकाओं, आशंकाओं का समाधान किया और स्पष्ट रूप से कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए। महिलाओं को अधिकार मिलने से किसी का अधिकार कम नहीं होगा। प्रधानमंत्री ने तो यहां तक कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम का श्रेय उनकी सरकार को नहीं चाहिए। उन्होंने संसद के अंदर समूचे विपक्ष का आह्वान करते हुए कहा कि आप सभी बड़े मन से नारी शक्ति को उनका अधिकार मिलने दीजिए, नारी शक्ति अधिनियम का समर्थन कीजिए। मैं विज्ञापन छपवाकर समूचे विपक्ष को इस अधिनियम को पारित करने का श्रेय दे दूंगा।

प्रधानमंत्री के इतने स्पष्ट व खुले विचारों के बाद भी विपक्ष महिलाओं को उनका अधिकार नहीं मिलने देना चाहता है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि महिलाओं को जो भी जिम्मेदारी मिलती है, वह उन्हें बखूबी निभाती आ रही हैं। ऐसे में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए यह आवश्यक है कि उन्हें संसद और राज्यों की विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए। लेकिन कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल महिलाओं को सशक्त नहीं बनने देना चाहिए, इसलिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम का पुरजोर विरोध किया और पारित नहीं होने दिया। पत्रकार-वार्ता के दौरान मध्यप्रदेश शासन की कैबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया, प्रदेश शासन की राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता, पूर्व मंत्री व विधायक अर्चना चिटनीस, सांसद माया नारोलिया, महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल मंचासीन रहे।

 

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