2027 से DigiLocker पर मिलेगी आंसर शीट कॉपी

सीबीएसई 12वीं री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। प्रक्रिया के दूसरे फेज में 1.6 लाख से ज्यादा छात्रों ने करीब 4 लाख आंसर शीट्स के मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए आवेदन किया है। स्टूडेंट्स को 2 जून से 7 जून तक ऑनलाइन आवेदन का मौका दिया गया था। सिर्फ उन छात्रों को जिन्होंने पहले फेज में आंसर शीट प्राप्त करने के लिए आवेदन किया था। अब 1.6 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स को अपने सीबीएसई री-इवैल्यूएशन रिजल्ट का इंतजार है।
दरअसल, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने इस बार 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियां चेक करने के लिए नए ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) लागू किया था। सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 13 मई 2026 घोषित किया गया था। मार्क्स वेरिफिकेशन के बाद, अब री-इवैल्यूएशन का रिजल्ट जारी किया जाना है।
सिर्फ वे स्टूडेंट्स जिन्होंने पिछले स्टेज (आंसर बुक्स की फोटोकॉपी) में अपनी स्कैन की गई आंसर बुक्स के लिए अप्लाई किया था, वे ही अगले स्टेज- देखी गई कमियों का वेरिफिकेशन और आंसर्स का री-इवैल्यूएशन का फायदा उठाने के लिए एलिजिबल थे। हालांकि, कुछ स्टूडेंट्स ने सोशल मीडिया पर चिंता जताई और दावा किया कि उन्हें अपनी स्कैन की गई आंसर शीट्स समय पर नहीं मिलीं।
इन शिकायतों का जवाब देते हुए, CBSE ने कहा कि वह रिजल्ट के बाद की प्रोसेस को पारदर्शी और स्टूडेंट-सेंट्रिक बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और अपने सपोर्ट चैनलों के जरिए सही चिंताओं का समाधान कर रहा है।
इस एप्लीकेशन (2 से 7 जून) पीरियड के दौरान, 1.6 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने 3.8 लाख से ज्यादा आंसर बुक्स के लिए रिक्वेस्ट सफलतापूर्वक सबमिट कीं।
सीबीएसई री-इवैल्यूएशन रिजल्ट कब और कहां करें चेक?
सीबीएसई री-इवैल्यूएशन रिजल्ट आमतौर पर कुछ दिनों में ही जारी कर देता है। लेकिन इस बार पहले फेज में 4 लाख से अधिक और दूसरे फेज में 1.6 लाख से अधिक छात्रों ने मार्क्स वेरिफिकेशन की रिक्वेस्ट की है, जो बीते कई सालों में सबसे ज्यादा है। इसलिए बोर्ड का रिजल्ट जारी करने में थोड़ा समय लग सकता है।
रिपोर्ट्स की माने तो सीबीएसई 12वीं री-इवैल्यूएशन का रिजल्ट जुलाई 2026 के पहले सप्ताह में जारी किया जा सकता है। रिजल्ट जारी होने के बाद, स्टूडेंट्स बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जाकर अपना री-इवैल्यूएशन रिजल्ट चेक कर सकेंगे। हालांकि बोर्ड की ओर से इसे लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। स्टूडेंट्स बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट और सोशल मीडिया एक्स अकाउंट पर नजर बनाए रखें।
2027 से डिजीलॉकर पर मिलेगी आंसर शीट
10वीं और 12वीं के बोर्ड रिजल्ट की घोषणा होने के बाद CBSE की ओर से मार्कशीट सीधे छात्र के डिजीलॉकर अकाउंट में भेजी जाती है, जैसे ही बोर्ड का रिजल्ट घोषित होता है, डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित (Digitally Signed) और मान्य मार्कशीट डिजिलॉकर पर अपलोड कर दी जाती है। वहीं अब 2027 से मार्कशीट के साथ-साथ आंसर शीट्स की स्कैन कॉपी भी डिजिलॉकर में भेजी जाएगी। छात्र डिजीलॉकर अकाउंट से अपने सभी विषयों की स्कैन कॉपी देख सकेगा और उसके बाद री-वैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) के लिए आवेदन कर सकेगा।
बता दें कि सीबीएसई परिणाम घोषित होने के बाद, ओएसएम सिस्टम पर सवाल उठाए गए थे। क्योंकि इस बार 12वीं का पासिंग मार्क्स बीते सात साल में सबसे कम था। इसके बाद ओएसएम पोर्टल में गड़बड़ियां, फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स जैसे मुख्य विषयों में उम्मीद से बहुत कम मार्क्स, टेक्निकल ग्लिच और एक प्राइवेट कंपनी 'Coempt Eduteck' को ओएसएम का टेंडर देने के नियमों में हेरफेर जैसे मामले सामने आने के बाद विवाद बढ़ा।
यह वही कंपनी है कि जिसके स्कैनर और पोर्टल के जरिए 70,000 से ज्यादा एग्जामिनर्स ने 98.66 लाख से ज्यादा आंसर शीट्स डिजिटल रूप में चेक की थीं। कई स्टूडेंट्स ने आंसर शीट धुंधली, पेज गायब और आंसर दिखने के बाद भी मार्क्स नहीं देने की शिकायत थी। इसके अलावा कुछ छात्रों को दूसरे स्टूडेंट्स की आंसर शीट्स मिल गई थीं।



