राहुल गांधी पर बीजेपी नेता का तीखा हमला, बोले- लगातार तीन चुनाव हारने के बाद अंगूर खट्टे बता रही कांग्रेस

 फरीदाबाद
हरियाणा के फरीदाबाद में बीजेपी नेता धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लगातार तीन चुनावों में हार का जिक्र करते हुए राहुल गांधी पर तंज कसा और कहा कि प्रधानमंत्री बनने के लिए उन्होंने महंगे कपड़े डिजाइन करवाए थे, लेकिन अब उनकी असलियत सामने आ गई है। धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस पर देश में अराजकता फैलाने और भीड़तंत्र में विश्वास करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी चुनाव जीतने पर आयोग को सही बताती है, लेकिन हारने पर उसी पर सवाल उठाने लगती है।

'अंगूर नहीं मिले तो खट्टे बता दिए', राहुल गांधी पर तंज
फरीदाबाद में मीडिया से बातचीत के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक स्थिति की तुलना गांवों में प्रचलित एक कहावत से की। उन्होंने कहा कि जब अंगूर नहीं मिलते तो उन्हें खट्टा बता दिया जाता है। साथ ही यह भी कहा कि कांग्रेस चुनाव में हार मिलने के बाद इसी तरह का रवैया अपना रही है। बीजेपी नेता ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि लगातार तीन चुनाव हारने के बाद अब उनकी राजनीतिक स्थिति सामने आ गई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी ने देश का प्रधानमंत्री बनने के लिए कथित तौर पर महंगे कपड़े तक डिजाइन करवाए थे, लेकिन अब कांग्रेस के पास कोई राजनीतिक विचार और मुद्दा नहीं बचा है।

कांग्रेस पर अराजकता फैलाने का आरोप
धर्मेंद्र प्रधान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जनता का समर्थन खो चुकी है और इसी वजह से देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के बजाय भीड़तंत्र में विश्वास करने लगी है। उन्होंने संसद के मानसून सत्र का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान भी कांग्रेस का यही रवैया देखने को मिला था। धर्मेंद्र प्रधान के अनुसार, कांग्रेस के पास जनता से जुड़े मुद्दे नहीं हैं और वह संसद में भी अपनी जिम्मेदारी निभाने से पीछे हटती रही है।

चुनाव आयोग पर कांग्रेस के दोहरे रवैये का आरोप
बीजेपी नेता ने चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस के रुख पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस केरल में चुनाव जीतती है तो उसे चुनाव आयोग की व्यवस्था में कोई परेशानी नहीं होती। कर्नाटक में जीत मिलने पर भी आयोग पर सवाल नहीं उठाए जाते। लेकिन जब पार्टी को बंगाल या हरियाणा में हार का सामना करना पड़ता है तो, इसके लिए चुनाव आयोग को दोषी ठहराते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button