कर्नाटक कांग्रेस में एकजुटता: सिद्धारमैया ने शिवकुमार संग मिलकर 2028 चुनाव की तैयारी का ऐलान

बेंगलुरु
कर्नाटक में सीएम पद को लेकर चल रही खींचतान के बीच शनिवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने संयुक्त रूप से कहा कि हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है। हम एक हैं और 2028 के विधानसभा चुनावों के लिए मिलकर काम करेंगे। दरअसल सीएम सिद्धारमैया ने डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को बेंगलुरु स्थित अपने सरकारी आवास पर डीके शिवकुमार को नाश्ते पर बुलाया था। उप मुख्यमंत्री ने ब्रेकफास्ट की टेबल पर सीएम से कुछ देर चर्चा की। इसके बाद दोनों ने संयुक्त प्रेस वार्ता की। सीएम सिद्दारमैया ने कहा, "हम साथ हैं। हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है। हाल के दिनों में कुछ कन्फ्यूजन पैदा हुआ है, इसलिए हम साथ बैठे और चर्चा की। हमारा मकसद 2028 के विधानसभा चुनाव और आगामी निकाय चुनाव जीतना है। हमने एक दूसरे से अपनी स्ट्रैटेजी पर चर्चा की। जैसे हमने 2023 के असेंबली इलेक्शन के दौरान साथ काम किया, वैसे ही हम भविष्य में भी साथ काम करते रहेंगे। हमारे बीच अभी कोई मारभेद नहीं है और भविष्य में भी नहीं होगा। हम साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे।"
जब उनसे दिया हुआ वचन निभाने के बारे में पूछा गया, तो सिद्धारमैया ने कहा, यह दिया हुआ वचन क्या है? मैंने हमेशा कहा है कि हाईकमान जो भी तय करेगा, हम उसे मानेंगे। पावर शेयरिंग पर सवालों का जवाब देते हुए सिद्धारमैया ने कहा, "हाईकमान जो भी कहेगा, हम मानेंगे। आप समझें या न समझें, हम आपके हर सवाल का जवाब नहीं दे सकते।" उन्होंने दोहराया कि हमारी एकता बनी रहेगी। हम साथ हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, असेंबली का विंटर सेशन पास आ रहा है, इसलिए हाईकमान ने हमसे कोई भी कन्फ्यूजन दूर करने को कहा है। अब कोई कन्फ्यूजन नहीं होगा और कल से भी नहीं होगा। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स ने कन्फ्यूजन पैदा किया है।" जब एमएलए के दिल्ली जाने के बारे में पूछा गया तो सिद्दारमैया ने कहा, "मैंने कैबिनेट में फेरबदल की बात की थी। इसका मतलब यह नहीं है कि वे लीडरशिप के खिलाफ हैं। कई एमएलए ने दिल्ली से लौटने के बाद मुझसे बात की है और दिल्ली जाने के अपने कारण बताए।"
ब्रेकफास्ट मीटिंग की जानकारी देते हुए सिद्दारमैया ने कहा, "ब्रेकफास्ट अच्छा था। डिप्टी सीएम शिवकुमार, लीगल एडवाइजर एएस पोन्नन्ना और मैं मौजूद थे। हमने ब्रेकफास्ट के दौरान कुछ भी डिस्कस नहीं किया। हमने सिर्फ नाश्ता किया। एआईसीसी जनरल सेक्रेटरी केसी वेणुगोपाल ने दो दिन पहले पोन्नन्ना को फोन करके बताया था कि हमें ब्रेकफास्ट मीटिंग करनी चाहिए।" सिद्धारमैया ने कहा कि उन्होंने शिवकुमार को भी फोन किया। असल में शिवकुमार ने जोर दिया कि मैं डिनर के लिए उनके घर आऊं। मैंने उनसे कहा कि मुझे ब्रेकफास्ट मीटिंग होस्ट करने के लिए कहा गया है और मैं किसी और दिन उनके घर आऊंगा।
असेंबली के आगामी विंटर सेशन के बारे में सीएम ने कहा, "हम विपक्ष का अच्छे से सामना करेंगे, चाहे वह भाजपा हो या जनता दल (सेक्युलर)। झूठा प्रोपेगेंडा फैलाना उनकी आदत है। डिप्टी सीएम शिवकुमार और मैं उनका अच्छे से सामना करेंगे और हमने इसके लिए एक स्ट्रैटेजी बनाई है।" विपक्ष के इस दावे पर कि वे नो-कॉन्फिडेंस मोशन लाएंगे, सिद्दारमैया ने कहा, "हमारे पास 142 की संख्या है। उनके पास सिर्फ 64 हैं। यह नामुमकिन है। जनता दल (सेक्युलर) के पास सिर्फ 18 एमएलए हैं। कुल मिलाकर वे 82 हैं। नो-कॉन्फिडेंस मूव एक बेकार की कोशिश होगी। जो भी हमारे रास्ते में आएगा, हम उसका सामना करेंगे।"
सीएम सिद्दारमैया ने कहा कि कोई भी एमएलए और मंत्री सरकार के खिलाफ नहीं है।
डिप्टी सीएम शिवकुमार ने भी सीएम सिद्धारमैया के साथ एकता का संदेश दोहराया। उन्होंने कहा, "जहां तक लीडरशिप का सवाल है, हम पार्टी हाईकमान की बात मानेंगे। पार्टी हमसे जो भी कहेगी, हम उसे लागू करेंगे। हम पार्टी के वफादार सिपाही हैं।"



