केन्द्रीय सचिव श्रीमती शमी राव ने उद्योग प्रतिनिधियों और अधिकारियों संग निवेश एवं नीतिगत सुधारों पर की चर्चा

भोपाल
भोपाल में 26 मार्च को व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल और तेज़ बनाने पर केंद्रित दो उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित हुई। बैठकों में प्रमुख सचिव श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह, सचिव, केन्द्रीय टेक्सटाइल श्रीमती नीलम शमी राव, एमपीआईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री चंद्रमौली शुक्ला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हुए।
नीति सरलीकरण और निवेश को बढ़ावा देने पर फोकस
बैठकों में व्यापारिक नियमों को उद्योग-अनुकूल बनाना, नीतियों को सरल करना और निवेश प्रक्रिया को तेज़ करने के लिये विचार-विमर्श हुआ। इस दिशा में सरकार द्वारा किए गए सुधारों पर विस्तृत चर्चा हुई और उद्योगों की जरूरतों के अनुसार नए उपायों पर सुझाव लिए गए। प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह वर्कशॉप की विस्तृत जानकारी दी। सचिव, केन्द्रीय टेक्सटाइल श्रीमती शमी राव ने नीति सरलीकरण के महत्व पर प्रकाश डाला। टास्क फोर्स द्वारा व्यापारिक प्रक्रियाओं को आसान बनाने और निवेशकों के लिए बाधाओं को कम करने पर प्रेजेन्टेशन दिये गए। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग द्वारा मध्यप्रदेश में इस दिशा में हुए कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की गई। बैठक में उद्योग जगत को हो रही व्यावसायिक दिक्कतों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसके समाधान के लिये सरल नीतियों, डिजिटल प्रक्रियाओं और सिंगल-विंडो सिस्टम को और प्रभावी बनाने की प्रतिबद्धता जताई।
उद्योग संघों के साथ खुला संवाद, नए सुझावों पर चर्चा
बुधवार को आयोजित दूसरे सत्र में राज्य सरकार और उद्योग संघों के प्रतिनिधियों के बीच खुला संवाद हुआ। यह बैठक एमपीआईडीसी के कार्यालय में आयोजित की गई, जिसमें पीएचडीसीसीआई, फिक्की, लघु उद्योग भारती और सीआईआई सहित विभिन्न उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान टास्क फोर्स द्वारा उद्योगों की प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए पहचाने गए 23 प्रमुख बिंदुओं पर उद्योग प्रतिनिधियों से सुझाव मांगे गए। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने राज्य में निवेश को और सुगम बनाने के लिए नीति सुधार, प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण, समयबद्ध मंजूरी व्यवस्था और अन्य आवश्यक पहलुओं पर अपने विचार साझा किए। बैठक के समापन पर एमपीआईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री शुक्ला ने उद्योगों से मिले सुझावों को सरकार की आगामी कार्य योजना में शामिल करने का आश्वासन दिया।
मध्यप्रदेश सरकार की औद्योगिक सुगमता की दिशा में मजबूत पहल
मध्यप्रदेश सरकार निवेश और औद्योगिक विकास को तेज़ करने के लिए लगातार सुधारों को लागू कर रही है। इस बैठक में सरकार ने स्पष्ट किया कि व्यवसायिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल बनाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। राज्य सरकार डिजिटल समाधान, निवेश प्रोत्साहन और उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियों के जरिये मध्यप्रदेश को भारत के अग्रणी औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।