रंगों के त्योहार पर त्रासदी: गुजरात में डूबने से 30 से अधिक लोगों की जान गई

अहमदाबाद
गुजरात में होली के दूसरे दिन मनाई जाने वाली धुलेटी का त्योहार इस बार कई परिवारों के लिए मातम लेकर आया। राज्य के अलग-अलग जिलों में तालाब, झील, नहर और नदियों में डूबने से 3 बच्चों समेत 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। ये हादसे करीब 10 अलग-अलग जगहों से सामने आये हैं। होली के बाद लोग रंग खेलने के बाद नहाने के लिए पानी के स्रोतों पर पहुंचते हैं, लेकिन कई बार यही खुशी बड़ी त्रासदी में बदल जाती है। इस साल भी ऐसा ही हुआ, जब राज्य के कई इलाकों से डूबने की दुखद खबरें सामने आईं। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने कई जगह बचाव अभियान चलाया, लेकिन कई लोगों को बचाया नहीं जा सका।

कई जिलों में डूबने की घटनाएं
जानकारी के मुताबिक, राज्य के अलग-अलग जिलों में यह हादसे हुए। अहमदाबाद शहर में 4 लोगों की मौत हुई, जबकि अहमदाबाद जिले के मांडल में 3 बच्चों की जान चली गई। सूरत जिले के बारडोली में 4, मांगरोल में 3 और किम में 3 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा महीसागर जिले में 6, अरावली में 4, मेहसाणा में 3, नर्मदा में 3 और अमरेली में 1 व्यक्ति की डूबने से मौत हुई। इन सभी घटनाओं ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। त्योहार के दिन हुई इतनी बड़ी संख्या में मौतों से प्रशासन भी सतर्क हो गया है।

साबरमती नदी में डूबे चार दोस्त
अहमदाबाद शहर के कुबेरनगर इलाके में रहने वाले चार दोस्त पीयूष, साहिल, दुर्गेश और सनी धुलेटी के दिन साबरमती नदी में नहाने के लिए पहुंचे थे। वे शहर के कोतरपुर वॉटर वर्क्स के पीछे नदी में उतरे थे। इसी दौरान अचानक चारों गहरे पानी में फंस गए और डूबने लगे। शुरुआत में फायर ब्रिगेड को तीन युवकों के डूबने की सूचना मिली थी। जब रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ तो दमकलकर्मियों को चारों दोस्तों के शव मिले। इस घटना से इलाके में शोक की लहर फैल गई और परिवारों में मातम छा गया।

महीसागर की झील में डूबे चार युवक
महीसागर जिले के कोठंबा इलाके में भी एक दर्दनाक हादसा हुआ। राघवाना मुवाड़ा के पास नाका झील में नहाने गए चार युवकों की डूबने से मौत हो गई। ये सभी युवक कंतार गांव के रहने वाले थे और धुलेटी के दिन झील में नहाने पहुंचे थे। झील का पानी काफी गहरा था, जिसकी वजह से वे बाहर नहीं निकल सके। घटना की सूचना मिलते ही दमकलकर्मी और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद चारों के शव झील से निकाले गए और पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए। इसी जिले के लुणावाडा और वीरपुर में भी एक-एक युवक की डूबने से मौत हुई।

अहमदाबाद जिले में तीन बच्चों की मौत
अहमदाबाद जिले के मांडल तालुका के सीतापुर गांव में भी बड़ा हादसा हुआ। यहां झोलासर झील में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। धुलेटी खेलने के बाद बच्चे झील में नहाने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान वे गहरे पानी में चले गए और डूब गए। बाद में स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से बच्चों के शव झील से निकाले गए। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया। जो त्योहार खुशी और रंगों के साथ मनाया जा रहा था, वह अचानक शोक में बदल गया।

सूरत के किम इलाके में तीन युवकों की मौत
सूरत जिले के किम इलाके में भी धुलेटी के दिन दुखद घटना सामने आई। यहां किम नदी में नहाने गए तीन युवक अचानक गहरे पानी में डूब गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। कुछ ही देर में तीनों की मौत हो गई। बाद में पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इस घटना से इलाके में शोक का माहौल बन गया।

मांगरोल में गई तीन लोगों की जान
सूरत जिले के मांगरोल तालुका के पानसरा गांव में एक अलग तरह की दुखद घटना सामने आई। धुलेटी का त्योहार मनाने के बाद कुछ लोग पास की नदी में नहाने गए थे। इसी दौरान हैप्पी सिंह नाम का युवक डूबने लगा। उसे बचाने के लिए उसका भाई चंद्र भूषण नदी में कूद गया। जब वह भी डूबने लगा तो उनके साथ आए संजय पटेल ने भी दोनों को बचाने के लिए छलांग लगा दी। लेकिन नदी का पानी इतना गहरा था कि तीनों ही डूब गए और उनकी मौत हो गई।

बारडोली में नदी में डूबे पांच युवक
सूरत जिले के बारडोली के इसरोली गांव के पास बहने वाली मिंढोला नदी में भी बड़ा हादसा हुआ। वहां पांच युवक नदी के किनारे नहाने के लिए पहुंचे थे। अचानक वे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया

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