आम बजट से भीलवाड़ा की टेक्सटाइल सिटी को लगेंगे पंख

जयपुर/भीलवाड़ा.
सहमे बाजार और महंगाई की मार झेल रही जनता के बीच आज पेश हुए केंद्रीय बजट में चैलेंज मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क, टेक्सटाइल लेबर इंसेंटिव स्कीम और नेशनल हैंडलूम व हैंडीक्राफ्ट प्रोग्राम की घोषणा से राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के कपड़ा उद्यमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। राजस्थान का भीलवाड़ा जिला कपड़ा उद्योग में सिरमौर है और बजट घोषणा में प्रस्तावित मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना होने से वस्त्रनगरी के कपड़ा उद्योग को पंख लगने तय हैं।
सालाना 40 हजार करोड़ का टर्नओवर, 8 हजार करोड़ का एक्सपोर्ट
वस्त्रनगरी भीलवाड़ा में सालाना 40 हजार करोड़ का टर्नओवर और 8 हजार करोड़ से अधिक का निर्यात होता है। इस वित्त मंत्री की बजट घोषणा से इस औद्योगिक हब को मानों 'बूस्टर डोज' मिल गई है। उद्यमियों ने कहा कि बजट में 'मेगा टेक्सटाइल पार्क' की घोषणा हुई है जिससे अब यह शहर वैश्विक पटल पर चीन और वियतनाम जैसे देशों को सीधी टक्कर देने वाला है।
वित्तमंत्री ने बजट में ये की घोषणाएं
बजट 2026 में वित्त मंत्री ने कहा कि पुराने मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को मॉर्डन किया जाएगा और टेक्सटाइल स्किलिंग सिस्टम पर नया प्लान लॉन्च किया जाएगा। SME सेक्टर को मजबूत करने के लिए ₹10,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं। बजट में टेक्सटाइल लेबर इंसेंटिव स्कीम और नेशनल हैंडलूम व हैंडीक्राफ्ट प्रोग्राम की घोषणा की गई है, इसके साथ ही चैलेंज मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव है, महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल (Mahatma Gandhi Gram Swaraj Initiative) को भी लॉन्च किया जाएगा। बजट 2026 में वित्त मंत्री ने कहा कि टेक्सटाइल सेक्टर के लिए 5 प्वाइंट प्लान लॉन्च किया जाएगा और कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग के लिए ₹10,000 करोड़ का आवंटन किया गया है. खादी और हैंडीक्राफ्ट टेक्सटाइल को मजबूत करने के लिए एक योजना का प्रस्ताव रखा गया है।
मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किया जाएगा- वित्त मंत्री
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में 'चैलेंज मोड' में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। साथ ही, खादी और हथकरघा को मजबूत करने के लिए 'महात्मा गांधी ग्राम स्वराज' पहल शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा है।
कपड़ा उद्योग के लिए बजट में क्या?
रेशम ऊन और जूट से जुड़े फाइबरों में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना लाई जाएगी। पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकर के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना आएगी। बुनकरों और कारीगरों की मदद के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम लाए जाएंगे।
प्रमुख घोषणाएं…
- वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी और परिधाओं को बढ़ावा देने के लिए टैक्स-इको पहल।
- वस्त्र कौशल परिवेश के आधुनिकीकरण और उन्नयन के लिए समर्थ 2.0 का एलान।
- मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव।
- महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव। हथकरघा उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने की जरूरत। यह प्रशिक्षण कौशल और उत्पादन गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा। योजना से एक जिला-एक उत्पाद पहल और ग्रामीण युवाओं को लाभ मिलेगा।
- रेशम, ऊन और जूट के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना
- पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकरण के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना
- बुनकरों और कारीगरों के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम
- टैक्स-इको पहल से वैश्विक प्रतिस्पर्धी परिधानों को बढ़ावा
- वस्त्र कौशल उन्नयन के लिए समर्थ 2.0
- मेगा टेक्सटाइल्स पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव



