घर बनाने वालों को झटका: यूपी में सरिया और ईंटों की कीमतों ने तोड़ा रिकॉर्ड

लखनऊ
अपना सपनों का घर बनाने का बजट बना रहे लोगों के लिए बुरी खबर है। निर्माण सामग्री की कीमतों में आई हालिया बढ़ोतरी ने आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ा दिया है। मकान की मजबूती के लिए सबसे जरूरी माने जाने वाले सरिया (Steel) और ईंटों के दामों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है, जिससे निर्माण लागत में बड़ा अंतर आ गया है।

सरिया की कीमतों में लगी आग
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कॉलम, बीम और छत ढलाई में इस्तेमाल होने वाली सरिया के दाम 52 रुपये से बढ़कर सीधे 57 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गए हैं। सबसे ज्यादा उपयोग में आने वाली 8 एमएम (8mm) की सरिया, जिससे रिंग बनाई जाती है, अब 59 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रही है। हालांकि, उत्तर प्रदेश सीमेंट व्यापार संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्याम मूर्ति गुप्ता का मानना है कि ये दाम बहुत दिनों तक टिकेंगे नहीं और जल्द ही इसमें 2 से 3 रुपये की गिरावट देखने को मिल सकती है।
 
सीमेंट पर बढ़ रहा है दबाव
सीमेंट के बाजार में फिलहाल संशय की स्थिति बनी हुई है। कुछ ट्रेडर्स ने प्रति बैग 5 रुपये की बढ़ोत्तरी कर दी है, वहीं नामी कंपनियां प्रति बैग 10 रुपये बढ़ाने का दबाव बना रही हैं। फिलहाल बाजार में खपत कम होने के कारण कंपनियां पूरी तरह दाम बढ़ाने में सफल नहीं हो पा रही हैं, लेकिन भविष्य में इसके और महंगे होने के स्पष्ट संकेत हैं।

प्रमुख ब्रांड्स के वर्तमान दाम (अनुमानित)
    ACC: 370 रुपये
    अल्ट्राटेक: 360 रुपये
    प्रिज्म/माईसेम: 350 रुपये
    बिरला सम्राट: 340 रुपये

ईंट, मौरंग और बालू भी हुए महंगे
सिर्फ सरिया ही नहीं, ईंटों के दाम भी सात हजार से बढ़कर 8,000 रुपये प्रति हजार तक पहुंच गए हैं। वहीं, प्लास्टर में इस्तेमाल होने वाली अच्छी मौरंग अब 60 से 62 रुपये प्रति फीट और स्लैब वाली मौरंग 58 रुपये प्रति फीट के भाव पर है। बालू की कीमतों में भी 1 से 2 रुपये का इजाफा हुआ है।
 
कहां मिली राहत?
निर्माण सामग्री के इस बढ़ते ग्राफ के बीच गिट्टी के दाम फिलहाल स्थिर बने हुए हैं। पौना इंच की कबराई गिट्टी 52 से 53 रुपये प्रति फीट पर टिकी हुई है, जबकि जीरा गिट्टी 43 रुपये प्रति फीट के पुराने रेट पर ही उपलब्ध है।

जानकारों का कहना है कि यदि सीमेंट और सरिया के दामों में यह अस्थिरता जारी रही, तो मध्यवर्गीय परिवारों के लिए अपना घर पूरा करना एक बड़ी चुनौती बन सकता है। फिलहाल बाजार की स्थिति को देखते हुए बजट में 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।

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