शिवसेना-यूबीटी नेता संजय राउत बोले- हम वक्फ बिल के विरोध में नहीं जाएंगे सुप्रीम कोर्ट, हमारे लिए ये फाइल बंद

मुंबई

वक्फ (संशोधन) विधेयक पर इंडिया ब्लॉक में शामिल दलों के बीच ही एक राय नहीं बन पा रही कि उन्हें इसका विरोध करना है या समर्थन. जहां एक ओर कांग्रेस और डीएमके ने संसद से पारित इस विधेयक को असंवैधानिक बताते हुए इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, वहीं इंडिया ब्लॉक में शामिल उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना-यूबीटी ने विधेयक के खिलाफ सर्वोच्च अदालत नहीं जाने की बात कही है. हालांकि, उद्धव सेना ने इस बिल का लोकसभा और राज्यसभा में पुरजोर विरोध किया था. लेकिन अब पार्टी का कहना है कि उसके लिए यह फाइल अब बंद हो चुकी है.

बिहार के किशनगंज से कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने वक्फ (संशोधन) विधेयक की संवैधानिकता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. वह इस बिल को लेकर बनीं जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) के सदस्य भी थे. इस बारे में पूछे जाने पर शिवसेना-यूबीटी के प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा, 'हम सुप्रीम कोर्ट नहीं जाएंगे. हमने हमारा काम कर दिया है. जो कहना था, जो बोलना था वो सब संसद के दोनों सदनों में हो गया. हमारे लिए ये फाइल अब बंद हो गई है.'

वक्फ बिल उद्योगपतियों के फायदे के लिए: राउत

शिवसेना-यूबीटी नेता संजय राउत ने वक्त बिल को लेकर भाजपा की आलोचना की थी और इसे उद्योगपतियों के फायदे के लिए बनाया गया एजेंडा बताया था. अपना पक्ष रखते हुए संजय राउत ने कहा था, 'वक्फ बिल का हिंदुत्व से कोई लेना-देना नहीं है. यह एक सामान्य बिल है. अगर कोई इसे हिंदुत्व से जोड़ रहा है तो वह मूर्ख है. अगर इस बिल से कोई संबंध है तो इसका साफ मकसद है कि भविष्य में कुछ उद्योगपतियों के लिए वक्फ बोर्ड की संपत्ति पर कब्जा करना आसान हो जाए.'

बता दें कि वक्फ (संशोधन) विधेयक को लोकसभा और राज्यसभा की मंजूरी मिल गई है और इसे राष्ट्रपति के पास उनके अनुमोदन के लिए भेजा गया है. राष्ट्रपति की मुहर लगने के बाद यह विधेयक कानून बन जाएगा और केंद्र सरकार द्वारा गजट अधिसूचना जारी होने के साथ ही यह पूरे देश में लागू हो जाएगा. लोकसभा में वक्फ बिल के समर्थन में 288 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में 232 वोट. वहीं, राज्यसभा में इस बिल के समर्थन में 128 वोट पड़े, जबकि विरोध में 95 वोट. राज्यसभा में वक्फ बिल के विरोध में बोलने को लेकर एनसीपी सांसद प्रफुल्ल पटेल ने शिवसेना-यूबीटी सांसद संजय राउत पर कटाक्ष भी किया था.

प्रफुल्ल पटेल ने किया था संजय राउत पर कटाक्ष

प्रफुल्ल पटेल जब वक्फ बिल पर राज्यसभा में भाषण दे रहे थे, उस वक्त संजय राउत सदन में नहीं थे. एनसीपी सांसद की बात पर शिवसेना-यूबीटी सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कुछ कहना चाहा तो उन्होंने कहा-यूबीटी आप मत बोलिए, क्योंकि आप दूसरी पार्टी में थीं. तब तक संजय राउत सदन में आ गए. उनके आते ही प्रफुल्ल पटेल ने बाबरी मस्जिद विध्वंस और बंबई धमाकों का जिक्र करके उन पर तंज कसा. प्रफुल्ल पटेल ने संजय राउत की ओर इशारा करते हुए कहा, '…आ गए, हमारे दोस्त आ गए. बाला साहेब ठाकरे  कहते थे कि उन्हें अभिमान है कि शिव सैनिकों ने बाबरी मस्जिद गिराई….और 92-93 के मुंबई दंगों में मेरे शिव सैनिकों ने हिंदुओं की रक्षा की. हमारे संजय भैया पहले टक…टक…टक…टक बोलते थे, लेकिन आज उन्हें समझ नहीं आ रहा है क्या बोलूं क्या नहीं.'

उनके इस बयान पर संजय राउत ने संसद के बाहर मीडिया से बातचीत में पलटवार किया. राउत ने कहा कि प्रफुल्ल पटेल को बाबा साहेब की याद आनी नहीं चाहिए. अपने पिता समान शरद पवार को खंजर घोंप कर भाग गए और अब निष्ठा की बात करते हैं. उन्होंने कहा, 'प्रफुल्ल पटेल के किसके साथ संबंध थे, इकबाल मिर्ची और दाउद से…? ये आरोप मैं नहीं लगा रहा हूं, नरेंद्र मोदी ने ये आरोप लगाए थे और आप नहीं मानते तो ईडी की चार्जशीट पढ़ लें. ये चाटुकारिता करके वहां चले गए और बच गए, पर हम लोग डरने वाले नहीं हैं. इस तरह के लोगों को मैं वॉर्न करना चाहता हूं कि फिर से हमारे साथ कुछ करेंगे तो हमारे पास भी आपका पूरा कच्चा चिट्ठा है. ये लोग हमको क्लीन चिट दे रहे हैं. आप बीजेपी में जाइए और क्लीन चिट खरीद लीजिए.' उनके इस बयान के बाद प्रफुल्ल पटेल ने संजय राउत को एक्स पर टैग करते हुए लिखा, 'अंगूर खट्टे हैं…'. उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा, 'बेहतर होता कि मेरे चरित्र और इतिहास के बारे में बात करने से पहले पवार साहब से जानकारी ले लेते.'

 

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