स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम से देश में मध्यप्रदेश अग्रणी

भोपाल
राष्ट्रीय स्टार्ट-अप दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश, भारत के स्टार्ट-अप आंदोलन के एक दशक और राष्ट्र निर्माण में एमएसएमई व स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम की परिवर्तनकारी भूमिका का उत्सव मना रहा है। आज भारत विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित है। यहाँ एमएसएमई इंडस्ट्री देश की जीडीपी में लगभग 30% का योगदान देती है। यह 11 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान कर रही है। इसका कुल निर्यात में 40 से 45% का योगदान है। राष्ट्रीय दृष्टि के अनुरूप मध्यप्रदेश एक अग्रणी स्टार्ट-अप डेस्टीनेशन के रूप में उभरा हैं। वर्ष 2016 में डीपीआईआईटी से मान्यता प्राप्त मात्र 7 स्टार्ट-अप से बढ़कर वर्तमान में राज्य के सभी जिलों में 6,600 से अधिक स्टार्ट-अप सक्रिय हैं। विशेष रूप से, इन स्टार्ट-अप में से 48% में कम-से-कम एक महिला संस्थापक हैं, जो समावेशी और समान उद्यमिता के प्रति राज्य की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

स्टार्ट-अप से क्षेत्र में उल्लेखनीय यह प्रगति सशक्त नीतिगत ढांचे और संस्थागत सहयोग का परिणाम है, जिसका आधार मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप नीति एवं क्रियान्वयन योजना-2025 है, जिसे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के दौरान  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया। यह नीति स्टार्ट-अप जीवन चक्र के प्रत्येक चरण में समग्र सहयोग प्रदान करती है, जिसमें एंटरप्रेन्योर-इन-रेज़िडेंस सहायता, विचार स्तर पर सीड फंडिंग तथा विकास-चरण के उद्यमों के लिए समर्पित स्टार्ट-अप कैपिटल फंड शामिल है। साथ ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला, दिव्यांगजन एवं ट्रांसजेंडर संस्थापकों के लिए विशेष प्रावधान भी किए गए हैं। स्टार्ट-अप यात्रा के हर चरण में सहायता के लिए नीति में कई अन्य प्रावधान भी सम्मिलित हैं। मध्यप्रदेश सरकार संस्थागत सहयोग, वित्तीय सहायता और सतत मार्गदर्शन के माध्यम से उद्यमिता को आकांक्षी, सुलभ और साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप समिट-2026 का आयोजन 11 एवं 12 जनवरी 2026 को रवीन्द्र भवन, भोपाल में किया गया। यह आयोजन राज्य के स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध हुआ, जिसमें स्टार्ट-अप, निवेशक, इनक्यूबेटर्स, नीति-निर्माता एवं वैश्विक साझेदारों सहित 2,500 से अधिक हितधारकों की सहभागिता रही। प्रमुख आकर्षणों में 70+ स्टार्ट-अप की स्टार्ट-अप एवं नवाचार प्रदर्शनी, महिला-नेतृत्व वाली उद्यमिता, वैश्विक विस्तार और एग्री स्टार्ट-अप जैसे प्राथमिक क्षेत्रों पर केंद्रित 9 थीमैटिक सत्र तथा 105 टीमों के साथ 12 घंटे का इनोवेशन स्प्रिंट HACK & MAKE 2026 शामिल रहे। समिट के ठोस परिणामों में 170+ स्टार्ट-अप को रूपये 2.5 करोड़ से अधिक की सिंगल-क्लिक वित्तीय सहायता, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत 21 स्टार्ट-अप को रूपये 8.17 करोड़ के ऋण स्वीकृत, चार एमओयू का आदान-प्रदान तथा एमपी स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम अवॉर्ड्स-2026 में 27 स्टार्ट-अप और तीन इनक्यूबेटर्स का सम्मान शामिल है जिससे मध्यप्रदेश की अग्रणी स्टार्ट-अप हब के रूप में स्थिति और सुदृढ़ हुई।

इन उपलब्धियों के साथ, मध्यप्रदेश “राष्ट्रीय स्टार्ट-अप दिवस” को नवाचार-आधारित, समावेशी और भविष्य-सक्षम आर्थिक विकास के माध्यम से देश के स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम को मजबूत करने की प्रतिबद्धता के साथ मना रहा है तथा वर्ष 2030 तक राज्य में डीपीआईआईटी-मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप की संख्या को दोगुना कर 12,000+ तक पहुँचाने के लक्ष्य की दिशा में अग्रसर है।

 

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