उज्जैन व्यापार मेले की चमक से इंदौर के राजस्व में आई 8.79 प्रतिशत की कमी

उज्जैन व्यापार मेले की चमक से कम हुआ इंदौर का राजस्व, 8.79 प्रतिशत की कमी
इंदौर.

उज्जैन में लगातार दूसरे वर्ष आयोजित हुए व्यापार मेले का सीधा असर इंदौर परिवहन कार्यालय के राजस्व पर दिखाई देने लगा है। व्यापार मेले में छूट लेने की चमक के कारण इंदौर जिले में पंजीकृत होने वाले कई वाहन उज्जैन में पंजीकृत हो गए। इस वजह से वर्ष 2025 में इंदौर परिवहन कार्यालय में वाहन बिक्री में 0.30 प्रतिशत और राजस्व में 8.79 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

2024 की अपेक्षा बीते साल 77 करोड़ रुपये कम राजस्व प्राप्त हुआ। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार 2025 में इंदौर में 1 लाख 98 हजार 530 वाहन पंजीकृत हुए, जिससे करीब 805 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। वहीं 2024 में 1 लाख 99 हजार 82 वाहन पंजीयन के साथ 883 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस तरह एक वर्ष में 552 वाहन कम पंजीकृत हुए, वहीं राजस्व भी 77 करोड़ रुपये कम आया।

राजस्व में आई इस गिरावट का मुख्य कारण उज्जैन व्यापार मेले को माना जा रहा है, जहां 20 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले कई महंगे वाहन पंजीकृत हुए। यही वजह है कि इंदौर, जो प्रदेश का बड़ा ऑटो मोबाइल बाजार माना जाता है, वहां के राजस्व में कमी आई।

मेले के पहले लगातार बढ़ोतरी
उज्जैन में दो साल से व्यापार मेला आयोजित किया जा रहा है। इसके बाद से इंदौर के राजस्व में बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है। वर्ष 2023 में 2022 की अपेक्षा वाहन बिक्री में 17.58 प्रतिशत और राजस्व में 23.88 प्रतिशत की बढोतरी रही थी। इसके बाद 2024 में व्यापार मेला आयोजित होने के कारण वाहन बिक्री और राजस्व में कुछ कमी हुई। 2023 की अपेक्षा 2024 में वाहन बिक्री में 4.92 प्रतिशत और राजस्व में 1.72 प्रतिशत बढ़ोतरी ही दर्ज की गई। 2025 में बिक्री और राजस्व दोनों में अधिक गिरावट रही।

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