राइस मिलों से 1.77 करोड़ का अवैध धान जब्त

धमतरी.

जिले में धान खरीदी और कस्टम मिलिंग व्यवस्था को पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर आज जिले के सभी अनुविभागों में राइस मिलों की सघन जांच एवं भौतिक सत्यापन अभियान चलाया गया।

यह कार्रवाई संबंधित अनुविभागों के एसडीएम के नेतृत्व में राजस्व एवं मंडी विभाग की संयुक्त जांच टीमों द्वारा की गई। इस विशेष अभियान के तहत धमतरी, नगरी और कुरूद अनुविभागों में संचालित कई राइस मिलों पर एक साथ छापामार कार्रवाई की गई। जांच के दौरान मिलों में उपलब्ध धान के भौतिक स्टॉक और अभिलेखों का मिलान किया गया, जिसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

धमतरी अनुविभाग में कविता राइस मिल एवं अजय ट्रेडिंग कंपनी (देमार), नगरी अनुविभाग में एस.के. फूड्स एवं ए.एस.डब्ल्यू. राइस मिल, जबकि कुरूद अनुविभाग में श्री लक्ष्मी राइस मिल की गहन जांच की गई। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि कुछ मिलर्स द्वारा निर्धारित नियमों और मापदंडों का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से भारी मात्रा में धान का भंडारण किया गया है, वहीं एक राइस मिल में बड़े पैमाने पर धान की गंभीर कमी पाई गई। मिल-वार जांच में कविता राइस मिल में 250 क्विंटल, अजय ट्रेडिंग कंपनी देमार में 105 क्विंटल, एस.के. फूड्स में 76 क्विंटल तथा ए.एस.डब्ल्यू. राइस मिल में 72 क्विंटल अतिरिक्त धान पाया गया। वहीं कुरूद अनुविभाग की श्री लक्ष्मी राइस मिल में 6989 क्विंटल धान की भारी कमी दर्ज की गई, जो कस्टम मिलिंग व्यवस्था में बड़ी लापरवाही और संभावित गड़बड़ी की ओर इशारा करती है।

इन सभी मामलों में मंडी अधिनियम एवं संबंधित नियमों के तहत अवैध और अनियमित धान को जब्त कर लिया गया है। जब्त किए गए एवं अनियमित पाए गए धान का कुल अनुमानित मूल्य ₹1,77,42,963 (एक करोड़ सतहत्तर लाख बयालीस हजार नौ सौ तिरसठ रुपए) आंका गया है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने इस कार्रवाई को शासन की शून्य सहिष्णुता नीति का स्पष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और कस्टम मिलिंग जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं किसानों की आजीविका से सीधे जुड़ी हैं, इसलिए इनमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कलेक्टर ने जिले के सभी राइस मिल संचालकों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि वे शासन के नियमों का ईमानदारी से पालन करें और प्रशासन के साथ सकारात्मक सहयोग करें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में भी अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो कस्टम मिलिंग कंडिका के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई, लाइसेंस निरस्तीकरण और आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जा सकते हैं। जिला प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में सतत निगरानी, औचक निरीक्षण और विशेष जांच अभियान जारी रहेंगे, ताकि धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा की जा सके।

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