वन मंत्री कश्यप सुदूर ग्राम केजंग में पहुंचे

रायपुर

वन मंत्री  केदार कश्यप ने आज कोंडागांव के सुदूर अंचल स्थित ग्राम केजंग पहुंचे और क्षेत्रवासियों को लगभग 1 करोड़ 20 लाख रुपए के 11 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने विभिन्न ग्राम पंचायतों में सड़क, भवन एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया गया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं सड़कों, पुलों, जल संरक्षण के कार्य और सामुदायिक भवनों का निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य ग्रामीण अंचल में आवागमन को आसान बनाना, कृषि को मजबूती देना और ग्रामीण जीवनस्तर में सुधार लाना है।      

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एवं मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की सरकार आम नागरिकों के हित में क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र पूर्व में माओवाद से प्रभावित रहा है, किन्तु  पूरा छत्तीसगढ़ माओवाद के प्रभाव से मुक्त हो गया है और अब बस्तर संभाग भयमुक्त होकर विकास की मुख्यधारा में तेजी से आगे बढ़ेगा और अधिक समृद्ध होगा। उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से ग्रामीणों को आवागमन, शिक्षा एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार मिलेगा।       

 विकास कार्याे के  लिए भूमिपूजन किए गए कार्यों में ग्राम पंचायत कुधूर में 1 किमी मुरमीकरण कार्य (मांझानार से साहूपारा प्रतीक घर तक) लागत 19 लाख रुपए, तरईपारा से पंडेला घर तक सीसी सड़क निर्माण लागत 9.60 लाख रुपए, ग्राम पंचायत कोरमेल के पटेलपारा में सीसी सड़क निर्माण लागत 9.60 लाख रुपए के कार्य शामिल हैं। इसी प्रकार ग्राम पंचायत जोडेंगा में सांस्कृतिक भवन से कमलू घर तक सीसी सड़क निर्माण लागत 9.60 लाख रुपए, ग्राम पंचायत पदनार में प्राथमिक शाला भवन से समलू घर तक सीसी सड़क निर्माण लागत 9.60 लाख रुपए, ग्राम पंचायत पुसपाल में नीचेपारा में कुलधर घर से सुधीर यादव घर तक सीसी सड़क निर्माण लागत 9.60 लाख रुपए, ग्राम पंचायत मड़ागांव में सांस्कृतिक भवन से पीलाराम घर तक सीसी सड़क निर्माण लागत 9.60 लाख रुपए के कार्य शामिल हैं। ग्राम पंचायत केजंग में घोटुल गुड़ी के पास शेड निर्माण लागत 6 लाख रुपए, ग्राम पंचायत मडानार में स्कूल मुख्य द्वार से पेदेबाई घर तक सीसी सड़क निर्माण लागत 9.60 लाख रुपए एवं प्राथमिक शाला में शौचालय निर्माण लागत 5 लाख रुपए तथा ग्राम पंचायत बेतबेड़ा में मुख्य मार्ग से ढोलमांदरी सन्नू घर तक मार्ग मुरमीकरण 15.00 लाख रुपए के कार्य शामिल हैं।      

कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष मती अनीता कोर्राम, उपाध्यक्ष  टोमेन्द्र ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मती रीता शोरी, कोण्डागांव एसडीएम  अजय उरांव, तहसीलदार  मनोज रावटे एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

ईरान ने शनिवार को दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट में इजरायली जहाज पर हमला किया है। ड्रोन से हुए इस हमले के बाद जहाज पर आग लग गई। ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड नेवी के एक कमांडर ने हमले की बात कही है। हालांकि, अभी तक इजरायल की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। ईरानी हमले से पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है।

'सेपाह न्यूज' वेबसाइट पर गार्ड्स ने बताया कि उन्होंने बहरीन के खलीफा बिन सलमान बंदरगाह पर एक कमर्शियल जहाज, 'MSC Ishyka' को निशाना बनाया। यह जहाज इजरायली शासन के मालिकाना हक वाला था और उस पर किसी तीसरे देश का झंडा लगा हुआ था।" गार्ड्स की नौसेना ने इससे पहले एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा था कि जहाज पर हमला होर्मुज स्ट्रेट में किया गया था। उन्होंने कहा, "होर्मुज में जायोनी शासन से जुड़े जहाज पर एक ड्रोन से हमला किया गया, जिससे जहाज में आग लग गई।" 'MarineTraffic' वेबसाइट के अनुसार, लाइबेरिया का झंडा लगा यह जहाज शुक्रवार रात तक भी बहरीन के बंदरगाह पर ही खड़ा था।

पिछले एक महीने से ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच युद्ध चल रहा है। 28 फरवरी को हालात तब बिगड़ गए जब इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हवाई हमले कर दिए, जिसमें सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई। इससे ईरान भड़क गया और इजरायल व खाड़ी देशों में अमेरिकी बेस पर धावा बोल दिया। इस युद्ध में अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है। यहां तक कि ईरान अमेरिका का फाइटर जेट तक गिरा चुका है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को भी बंद कर दिया, जिससे दुनियाभर में तेल संकट पैदा हो गया। हालांकि, अब उसने भारत समेत मित्र देशों के लिए होर्मुज खोल दिया है, लेकिन उसके निशाने पर अमेरिका, इजरायल जैसे 'दुश्मन' देश बने हुए हैं।

भारत के जहाज होर्मुज से लगातार गुजर रहे

इस बीच, भारत सरकार ने शनिवार को बताया कि एलपीजी ले जा रहा भारत के झंडे वाला एक टैंकर होर्मुज से सुरक्षित रूप से गुजर गया है। भारत दुनिया में लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है। पिछले तीन हफ्तों में भारत के झंडे वाले कई जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता दिलाने में नई दिल्ली को कामयाबी मिली है। जहाजरानी मंत्रालय ने शनिवार को पुष्टि की कि एलपीजी ले जाने वाला जहाज 'ग्रीन सांव्वी' इस संकरे रास्ते से गुजर गया है। एक बयान में कहा गया, "ग्रीन सांव्वी 46,650 मीट्रिक टन LPG कार्गो और जहाज़ पर सवार 25 नाविकों के साथ होर्मुज से सुरक्षित रूप से गुजर गया है।'' हालांकि इसमें जहाज की अंतिम मंजिल के बारे में और कोई जानकारी नहीं दी गई।

 

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