मध्य प्रदेश में 940 KM सड़कें होंगी 4-लेन, ₹43 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट

भोपाल
मप्र में 43 हजार करोड़ की सड़कें बनेंगी। 940 किमी 2-लेन सड़कों को 4-लेन में बदला जाएगा। 41 हजार करोड़ रुपए खर्च आएगा। जबकि 50 जिलों की 200 किमी पुरानी हो चुकी सिंगल व डबल लेन खस्ताहाल सड़कों को सीसी रोड में बदला जाएगा।इस काम पर 4200 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इन दोनों कामों से प्रदेश के करीब 2 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा। इनमें कई सड़कें ऐसी भी हैं, जो 25 से 30 साल से खस्ताहाल है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने अनंत चतुर्दशी पर मप्र को ये सौगात दी। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बताया कि मप्र की 940 किमी सड़कों के प्रस्ताव को वे 18 सितंबर को ही स्वीकृति कर चुके हैं। यह काम एनएचएआइ को सौंपा है। कम समय में अच्छी गुणवत्ता वाला काम हो, यह पहली प्राथमिकता है।
सीएम आवास पर की प्रोजेक्ट की समीक्षा
असल में केंद्रीय मंत्री गडकरी लोक परिवहन सेवा की बसों का शुभारंभ करने शुक्रवार को भोपाल आए थे, जिन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ उनके निवास पर रोड इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्टों की समीक्षा की। बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह मौजूद रहे। जबकि एमपीआरडीसी के एमडी भरत यादव ने आगामी कार्य योजना का प्रजेंटेशन भी दिया।
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने यह भी कहा
पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का बटेश्वर (यूपी) से विशेष संबंध रहा है। अटल एक्सप्रेस-वे का निर्माण बटेश्वर तक करेंगे।
सिंहस्थ 2028 के दृष्टिगत उज्जैन को जोड़ने वाले सभी मार्गों को तेजी से पूरा करें।
कान्हा राष्ट्रीय उद्यान की सड़क कनेक्टिविटी नागपुर जबलपुर और रायपुर से बढ़ाने के लिए कार्य योजना बनाए।
बालाघाट जिले में बेहतर रोड नेटवर्क के लिए कार्य योजना बनाएं।
पीडब्ल्यूडी को मिलेंगी 200 किमी सड़कें
असल में एनएचएआइ ने बीते 25 से 30 सालों में नए व पुराने सड़क मागर्गों का विस्तार किया है। शहरों व ग्रामीण आबादी को राहत देने के लिए बायपास बनाए हैं लेकिन मुख्य शहरों व ग्रामीण आबादी के अंदर से गुजरने वाले पुराने मार्गों का नए सिरे से निर्माण नहीं कराया, जो कि आज भी बायपास तक पहुंचने पहुंचने का का मुख्य जरिया है। जबकि ये मार्ग अभी भी एनएचएआइ के पास ही है।
मप्र के करीब 50 जिलों को मिला लें तो इनकी लंबाई करीब 200 किमी के आसपास है और जिन्हें बनाने में 4200 करोड़ का खर्च आ रहा है। मप्र पहले ही केंद्र को प्रस्ताव भेज चुका है। ये बन जाए तो बड़ी राहत मिलेगी। गडकरी ने उक्त प्रस्ताव को मंजूर करने का भरोसा दिया। साथ में यह भी कहा कि इन्हें सीसी रोड बनाकर पीडब्ल्यूडी को दे देंगे। बता दें कि शहरों के अंदर व आसपास के क्षेत्रों में वर्षों पहले 2-लेन बनाए थे। ट्रैफिक के दयाव व जाम के चलते अब उन पर आरओबी बना दिए है इसके कारण इन सड़कों का विस्तार नहीं हो पाया. जो कि समय की जरुरत है।
जबलपुर के पास टोल वसूली रोकने के निर्देश
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने जबलपुर के पास खस्ताहाल शहपुरा आरओबी के ठीक होने तक टोल वसूली बंद करने के निर्देश दिए हैं। उक्त आरओबी की एप्रोच रोड खराब है, जिसके कारण मार्ग डायवर्ट किया है। इस तरह राहगीर उक्त मार्ग पर बहुत कम चलते हैं, तब भी उनसे टोल वसूला जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से यह बात केंद्रीय मंत्री के सामने रखी गई। जिस पर उन्होंने तत्काल निर्णय लिया और अफसरों को निर्देश दिए।



