पंचायत चुनाव टलने की अफवाहों पर विराम, निर्वाचन आयोग ने किया साफ

जयपुर
राजस्थान के ग्रामीण इलाकों से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इन दिनों एक ही सवाल सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या राज्य में होने वाले आगामी पंचायती राज चुनाव एक बार फिर टल सकते हैं? दरअसल, सोशल मीडिया और विभिन्न अन्य माध्यमों से कुछ असामाजिक तत्वों और अफवाह फैलाने वालों द्वारा यह दावा किया जा रहा था कि आगामी महत्वपूर्ण पर्व-त्योहारों की अड़चन के चलते चुनाव की मियाद को आगे बढ़ाया जा सकता है। इस तरह की अफवाहों के कारण पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों के बीच असमंजस और ऊहापोह की स्थिति पैदा हो गई थी। ग्रामीण मतदाताओं के मन में भी संशय बनने लगा था कि क्या तय समय पर चुनाव हो पाएंगे या नहीं।
स्थितियों को स्पष्ट करते हुए और जनता के बीच भ्रम को दूर करने के लिए खुद राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने इस मामले में कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से स्थिति को पूरी तरह साफ करते हुए एक आधिकारिक संदेश जारी किया गया है, जिसमें सभी प्रकार की अफवाहों का खंडन किया गया है।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव अपनी निर्धारित समयावधि के भीतर ही शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराए जाएंगे। इस आधिकारिक स्पष्टीकरण के सामने आने के बाद चुनाव तैयारियों में जुटे उम्मीदवारों ने राहत की सांस ली है, वहीं प्रशासन ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
अफवाहों से सावधान रहने की अपील, समय पर होगी पूरी प्रक्रिया
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स और मंचों के माध्यम से प्रदेश की जनता, पंचायती राज संस्थाओं से जुड़े प्रतिनिधियों और संभावित उम्मीदवारों से विशेष रूप से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें।
अपने संदेश में उन्होंने जनता को सचेत करते हुए लिखा कि इस तरह की भ्रामक सूचनाएं केवल माहौल खराब करने के लिए फैलाई जाती हैं, इसलिए ऐसे लोगों से पूरी तरह सावधान रहने की जरूरत है। निर्वाचन आयुक्त ने दो टूक शब्दों में कहा है कि पंचायत चुनाव की पूरी प्रक्रिया को हर हाल में 15 नवंबर 2026 से पूर्व सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया जाना है। चुनाव जैसे बड़े लोकतांत्रिक आयोजन की प्रशासनिक तैयारियों में थोड़ा समय लगना स्वाभाविक है, और आयोग पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है।
लॉटरी प्रक्रिया और त्योहारों के बीच तालमेल बैठा रहा है निर्वाचन आयोग
संभावित चुनाव कार्यक्रमों की रूपरेखा और प्रशासनिक अड़चनों पर प्रकाश डालते हुए राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि पंचायती राज विभाग द्वारा हाल ही में संपन्न कराई गई आरक्षण और वार्डों की लॉटरी से जुड़ी संकलित सूचनाएं अब राज्य निर्वाचन आयोग को प्राप्त हो रही हैं।
इन तमाम आंकड़ों के आधार पर एक व्यवस्थित और चरणबद्ध चुनावी कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। आयोग संबंधित प्रशासनिक विभागों और सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ लगातार विचार-विमर्श कर रहा है। चूंकि इस दौरान कई महत्वपूर्ण पर्व और त्योहार भी आ रहे हैं, इसलिए पर्वों की तिथियों और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए ही मतदान की तारीखों का ऐसा खाका खींचा जा रहा है जिससे आम नागरिकों या त्योहारों को कोई असुविधा न हो।
जल्द होगी आधिकारिक चुनाव घोषणा, उम्मीदवारों ने तेज की तैयारियां
राज्य निर्वाचन आयोग के इस स्पष्टीकरण के बाद अब यह पूरी तरह साफ हो गया है कि राजस्थान में पंचायती राज चुनाव तय समय सीमा के भीतर ही आयोजित होंगे। निर्वाचन आयोग द्वारा बहुत जल्द औपचारिक चुनाव तिथियों और आचार संहिता की घोषणा किए जाने की संभावना है।
इस घोषणा के बाद से ही राजस्थान के गांवों, ढाणियों और जिला मुख्यालयों की राजनीति में एक बार फिर से चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। संभावित उम्मीदवारों ने अपने जनसंपर्क अभियानों को गति दे दी है और राजनीतिक दलों ने भी अपने स्तर पर रणनीति बनानी शुरू कर दी है। ग्रामीण जनता अब अपने क्षेत्र के विकास के लिए नए जनप्रतिनिधियों के चुनाव को लेकर पूरी तरह उत्साहित नजर आ रही है।



