सोलर पैनलों से रात में बिजली उत्पादन का दावा, प्रतापगढ़-सीतापुर-लखीमपुर में 1000 से ज्यादा मामले

लखनऊ
सूरज की रोशनी से बिजली बनाने के लिए लगाए गए सोलर पैनलों से रात में भी बिजली बन रही है। ऐसा एक-दो जगह नहीं, बल्कि हजारों जगह हो रहा है। इस तरह के आंकड़ों ने पावर कॉरपारेशन को अचरज में डाल दिया है। ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव और पावर कॉरपोरेशन अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने सभी बिजली कंपनियों को इस तरह के मामले चिह्नित करके जांच के आदेश दिए हैं।
तीन जिलों में ज्यादा मामले आए सामने
बीते दिनों शक्ति भवन में सभी बिजली कंपनियों के एमडी के साथ पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने समीक्षा बैठक की थी। इसी बैठक में ऐसे मामलों पर चर्चा हुई, जहां सोलर पैनल से रात में भी बिजली बनना दर्ज किया जा रहा था। सूत्र बताते हैं कि तीन जिलों प्रतापगढ़, सीतापुर और लखीमपुर में इस तरह के मामले बड़ी संख्या में हैं। इनकी संख्या हजार से भी ज्यादा है। रात में सोलर पैनल से बिजली उत्पादन दर्ज होने की असल वजह तो जांच के बाद ही सामने आ सकती है। हालांकि, विभाग के अभियंता मान रहे हैं कि ऐसा सोलर पैनल सिस्टम में छेड़छाड़ करने की वजह से हो सकता है। अभियंताओं का मानना है कि सोलर यूनिट दर्ज करने वाले नेट मीटरों में छेड़छाड़ के मामले सामने आ सकते हैं।
सभी बिजली कंपनियों में ऐसे मामलों की पड़ताल
इसके अलावा नेट मीटरों का खराब होना भी इस तरह के उत्पादन की एक वजह हो सकती है। इन सभी पहलुओं पर अभियंता जांच करेंगे। सूत्र बताते हैं कि सभी बिजली कंपनियों में ऐसे मामलों की पहचान की जा रही है, जहां शाम के बाद सोलर पैनल से बिजली उत्पादन दर्ज किया गया हो। अभी तक हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं, जिनकी संख्या में इजाफा संभव है।
फिर से होगी सोलर उत्पादन की गणना
सूत्र बताते हैं कि जांच की जद में आने वाले उपभोक्ताओं के यहां सोलर पैनल से कुल बिजली उत्पदान के आंकड़ों की समीक्षा होगी। अगर नेट मीटरों में छेड़छाड़ की गई होगी तो उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। वहीं, अगर तकनीकी वजहों से रात में सोलर पैनल से बिजली उत्पादन दर्ज किया जाना पाया जाएगा तो वास्तविक सोलर बिजली उत्पादन की गणना की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
पावर कॉरपोरेशन के निदेशक वाणिज्य प्रशांत वर्मा के अनुसार सोलर पैनल से रात में भी बिजली उत्पादन के मामले सामने आए हैं। इनकी जांच के आदेश दिए गए हैं। ऐसा कैसे हो रहा है, यह जांच के बाद ही बताया जा सकता है।
फिलहाल यूपी में सोलर पैनल के कुल 11,98,581 आवेदन अब तक मिले हैं। इनमें से 7,77,704 आवेदनों पर कार्रवाई की जा चुकी है। इन सोलर पैनलों से यूपी में 2,615.77 मेगावॉट बिजली उत्पादन हो रहा है।


