उत्तर प्रदेश में बिजली हुई महंगी, अब हर महीने ज्यादा ढीली होगी जेब

लखनऊ
उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद बुरी खबर है। प्रदेश में भीषण गर्मी, भारी बिजली कटौती और किल्लत के बीच अब जनता पर महंगाई की एक और मार पड़ने वाली है। यूपी पावर कॉरपोरेशन (UPPCL) ने राज्य में बिजली दरों को महंगा करने का एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। इसके तहत अब उपभोक्ताओं के बिजली बिल में सीधे 10% का इजाफा होने जा रहा है।
‘ईंधन अधिभार’ के नाम पर वसूला जाएगा अतिरिक्त शुल्क
जानकारी के मुताबिक, बिजली दरों में यह बढ़ोतरी ‘ईंधन अधिभार’ (Fuel Surcharge) के नाम पर की जा रही है। इसका मतलब यह है कि उपभोक्ताओं को अब अपनी सामान्य बिजली खपत के लिए तय दर से 10% राशि अलग से (अतिरिक्त शुल्क के रूप में) चुकानी होगी। पावर कॉरपोरेशन के इस फैसले से प्रदेश के करोड़ों घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
10 फीसदी अतिरिक्त शुल्क बढ़ा
सामने आया है कि, अगले महीने से उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगने जा रहा है. यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने बिजली बिल में 10 फीसदी तक अतिरिक्त शुल्क वसूलने का फैसला किया है. यह राशि फ्यूल सरचार्ज पर बढ़ोतरी के कारण बढ़ी है. जारी आदेश के अनुसार, बढ़ा हुआ शुल्क जून महीने के बिजली बिल के साथ जोड़ा जाएगा. यानी उपभोक्ताओं को अपने नियमित बिजली बिल के अलावा 10 फीसदी अतिरिक्त राशि भी चुकानी होगी।
फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने के कारण बढ़ोतरी
इस फैसले का असर प्रदेश के लाखों घरेलू, व्यावसायिक और अन्य श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ेगा. बिजली विभाग का कहना है कि बिजली उत्पादन और खरीद में आने वाली अतिरिक्त लागत की भरपाई के लिए फ्यूल सरचार्ज लगाया जा रहा है. इसके तहत उपभोक्ताओं के बिल में अलग से शुल्क जोड़ा जाएगा।
कई इलाकों में बिजली कटौती से जूझ रहे हैं लोग
हालांकि ऐसे समय में बिजली दरों में बढ़ोतरी का फैसला आया है, जब प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली कटौती और आपूर्ति संबंधी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं. गर्मी के मौसम में बढ़ती मांग के बीच उपभोक्ता पहले से ही बिजली संकट और अनियमित आपूर्ति की समस्या से जूझ रहे हैं. ऐसे में बिजली बिल में 10 फीसदी अतिरिक्त भार पड़ने से आम उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
जून के बिल के साथ जुड़कर आएगी बढ़ी हुई दरें
राहत की उम्मीद लगाए बैठे उपभोक्ताओं को यह झटका बहुत जल्द लगने वाला है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, बिजली का यह बढ़ा हुआ दाम आगामी जून के बिल के साथ जुड़कर आएगा। यानी जून महीने में आप जो बिजली इस्तेमाल करेंगे, उसका बिल 10% अतिरिक्त शुल्क के साथ आपके हाथ में आएगा।
भारी कटौती और किल्लत के बीच जनता को झटका
एक तरफ जहाँ उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इस समय भीषण गर्मी के कारण बिजली की भारी किल्लत देखी जा रही है और अघोषित बिजली कटौती से लोग परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ बिजली की दरों में इस तरह की बढ़ोतरी ने आम जनता की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। इस फैसले के सामने आने के बाद से ही सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है।



