IRGC की धमकी के बाद अमेरिका-ईरान टकराव और तेज, समुद्री रूट पर खतरा

नई दिल्ली
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने शनिवार को चेतावनी दी कि होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी तेल टैंकरों या कमर्शियल जहाजों पर कोई भी और हमला इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और जहाजों पर जोरदार हमला करने की वजह बनेगा।
यह चेतावनी फारस की खाड़ी में तेहरान और वॉशिंगटन के बीच बढ़ते तनाव के बीच दी गई है। एक्स पर जारी एक बयान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की नौसेना कमान ने कहा, "चेतावनी! ईरान के तेल टैंकरों और कमर्शियल जहाजों के खिलाफ किसी भी तरह की आक्रामकता का नतीजा, इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों में से किसी एक और दुश्मन के जहाजों पर जोरदार हमले के रूप में सामने आएगा।"
अमेरिका पर हमला करने के लिए मिसाइलें और ड्रोन लॉक
इसके तुरंत बाद, IRGC की एयरोस्पेस फोर्स ने दावा किया कि ईरानी मिसाइलें और ड्रोन पहले से ही इस क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और नौसैनिक जहाजों को निशाना बना रहे हैं। पोस्ट में कहा गया, "IRGC एयरोस्पेस फोर्स की मिसाइलों और ड्रोनों ने इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और दुश्मन के हमलावर जहाजों को लॉक कर लिया है। हम फायर करने के आदेश का इंतजार कर रहे हैं।"
अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने दी चेतावनी
यह चेतावनी तब आई है जब एक दिन पहले ही यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड ने कहा था कि अमेरिकी नौसेना बलों ने ओमान की खाड़ी में ईरान के खिलाफ चल रहे नाकाबंदी अभियानों के तहत ईरान के झंडे वाले दो तेल टैंकरों को निष्क्रिय कर दिया।
CENTCOM के अनुसार, खाली टैंकरों को ईरानी बंदरगाहों तक पहुंचने से रोक दिया गया। CENTCOM ने बताया कि 13 अप्रैल से अब तक अमेरिकी बलों ने ईरान के चार जहाजों को निष्क्रिय किया है और नाकाबंदी के इस दौर में 58 वाणिज्यिक जहाजों का रास्ता बदला है।
ये ताजा घटनाक्रम इस हफ्ते की शुरुआत में होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी नौसेना बलों और ईरानी संपत्तियों के बीच हुई गोलीबारी के बाद सामने आए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा परिवहन का एक प्रमुख मार्ग है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने गुरुवार को इस बात की पुष्टि की कि होर्मुज से गुजरते समय अमेरिकी नौसेना के तीन विध्वंसक जहाजों पर हमला हुआ था, लेकिन उन्होंने कहा कि ये जहाज सफलतापूर्वक वहां से गुजर गए।



