युवाओं को मिलेगा देशसेवा का अवसर, आत्मनिर्भरता के नए द्वार भी खुलेंगे – राज्‍यमंत्री गौर

‘शौर्य संकल्प योजना’ पर लगी कैबिनेट की मुहर, पिछड़ा वर्ग के युवाओं को सुरक्षाबलों में भर्ती के लिए तैयार करेगी योजना

युवाओं को मिलेगा देशसेवा का अवसर, आत्मनिर्भरता के नए द्वार भी खुलेंगे – राज्‍यमंत्री गौर
45 दिन का आवासीय प्रशिक्षण, मिलेगी छात्रवृत्ति, 4000 युवाओं को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

भोपाल 

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग युवा अभ्यर्थियों को सुरक्षाबलों में भर्ती के लिए सक्षम बनाने के लिए “शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना-2026” की शुरुआत करने जा रहा है। इसके जरिए युवाओं को गुणवत्तापूर्ण आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिसमें शारीरिक प्रशिक्षण के साथ-साथ सामान्य ज्ञान, गणित, तर्कशक्ति, कंप्यूटर एवं अंग्रेज़ी जैसे विषयों का सैद्धांतिक प्रशिक्षण भी शामिल होगा।

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने योजना को कैबिनेट की मंजूरी मिलने पर कहा कि शौर्य संकल्प योजना हमारे युवाओं को केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा की भावना से भी सशक्त बनाएगी। हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश का हर युवा अपनी क्षमता के अनुसार देश की सेवा में योगदान दे सके। मध्यप्रदेश सरकार युवाओं को अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह योजना सुरक्षा बलों में भर्ती की तैयारी को सशक्त बनाकर पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए नए द्वार खोलेगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगी।

योजना के प्रारंभिक चरण में 40 प्रशिक्षण केंद्रों के जरिए 4000 युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी। योजना में महिला और पुरुष अभ्यर्थियों के लिए पृथक-पृथक केंद्र संचालित किए जाएंगे। प्रशिक्षण की अवधि 45 दिन निर्धारित की गई है। चयनित अभ्यर्थियों को निःशुल्क आवास, भोजन एवं अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही पुरुष अभ्यर्थियों को 1000 रुपये तथा महिला अभ्यर्थियों को 1100 रुपये प्रतिमाह की दर से छात्रवृत्ति भी दी जाएगी।

योजना के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं उत्तीर्ण निर्धारित की गई है। अभ्यर्थी मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए तथा OBC वर्ग का प्रमाण-पत्र (नॉन-क्रीमीलेयर) आवश्यक होगा। चयन प्रक्रिया में 12वीं के अंकों के आधार पर वरीयता तय की जाएगी। राज्य शासन द्वारा आगामी तीन वर्षों में इस योजना पर लगभग 15 करोड़ रुपये व्यय किए जाने का प्रावधान है, जिसके माध्यम से 12,000 युवाओं को सुरक्षा सेवाओं में रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा। यह योजना युवाओं में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन एवं कर्तव्यबोध विकसित करने के साथ उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button