2029 में झांसी से चुनाव लड़ने का एलान, उमा भारती ने साफ किया अपना इरादा

टीकमगढ़
भारतीय राजनीति की प्रखर और स्पष्टवादी नेता पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने शनिवार की शाम टीकमगढ़ स्थित अपने बड़े भाई स्वर्गीय स्वामी प्रसाद के फार्महाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।
सबसे पहले उन्होंने बिहार की शराबबंदी का उल्लेख करते हुए कहा कि उसके पीछे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दृढ़ इच्छा शक्ति थी। उमा भारती ने कहा कि बिहार में नीतीश के विधायक भी शराब बेचते रहे, लेकिन नीतीश डटे रहे, तभी शराबबंदी संभव हो सकी। उन्होंने मध्य प्रदेश में भी समाज की भागीदारी को शराबबंदी की अनिवार्य शर्त बताया।
आगामी चुनावों को लेकर उन्होंने बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए स्पष्ट कहा कि 2029 में वह हर हाल में झांसी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि 2024 का चुनाव उन्होंने केवल इसलिए नहीं लड़ा, क्योंकि उस समय वह गंगा सफाई अभियान में पूरी तरह व्यस्त थीं। देश में चल रही एसआईआर बहस पर उन्होंने कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि यह देश की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम है, जिसे राष्ट्रीय हित में देखा जाना चाहिए।
हिंदू राष्ट्र पर अपनी राय देते हुए उमा भारती ने कहा कि भारत सांस्कृतिक रूप से हिंदू राष्ट्र है और हमेशा रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विचार सांप्रदायिकता नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान का विषय है। प्रेम विवाह को लेकर उन्होंने प्रगतिशील रुख अपनाते हुए कहा कि यदि दोनों परिवार सहमत हों तो जाति कोई बाधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संतोष वर्मा के विवादित बयान की भी निंदा की।
शराबबंदी पर बात करते हुए उमा भारती ने बताया कि टीकमगढ़ के कई ग्रामीण इलाकों में समाज ने स्वयं पहल कर शराबबंदी लागू की है। उन्होंने कहा कि “शराबबंदी और गौ सेवा समाज का काम है, जिसे शासन के साथ-साथ जनता को मिलकर निभाना होगा। पत्रकार वार्ता में उमा भारती का स्पष्ट, निडर और सामाजिक सरोकारों पर केंद्रित दृष्टिकोण एक बार फिर पूरी तरह दिखाई दिया।



