भोपाल मामला: हिन्दू युवक पर लव जिहाद और धर्म परिवर्तन का आरोप, परिवार ने मंत्री से मदद मांगी

भोपाल
भोपाल के जहांगीराबाद क्षेत्र में एक युवक द्वारा जबरन धर्मांतरण का आरोप लगाए जाने के बाद मामला बढ़ता जा रहा है। युवक शुभम गोस्वामी ने कहा है कि उसने दबाव में इस्लाम अपनाया। अब वह पुनः हिंदू धर्म में लौटने की इच्छा जता रहा है। युवक पर जबरदस्ती इस्लाम धर्म कुबूल करने का दबाव डाला गया और नाम बदलकर अमन खान रखने के लिए मजबूर किया गया। वह पिछले तीन साल से इसी पहचान के साथ जी रहा था।
मंत्री सारंग ने कहा कि शुभम (जिसे अमन खान बनने पर मजबूर किया गया) कुछ महीने पहले उनके जनदर्शन कार्यक्रम में आया था और उसने अपनी “दिल दहला देने वाली आपबीती” सुनाई। उसके मोहल्ले के ही एक मुस्लिम परिवार ने उसके साथ अत्याचार किए। उस परिवार ने उस पर झूठे केस लगवाए, वह जेल तक गया।
जेल से निकलने के बाद भी धमकियां दी गईं और दबाव बनाकर इस्लाम धर्म अपनाने का कुचक्र रचा गया। उसे गौमांस खिलाकर, जमात में भेजकर धर्म भ्रष्ट करने की कोशिश हुई। यह आत्महत्या तक करने को मजबूर था। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस को रिपोर्ट की गई। करीब डेढ़-दो महीने जांच के बाद आरोपी पक्ष के खिलाफ FIR दर्ज हुई। अब अमन नहीं, फिर से शुभम बनेगा। अब कोई डरने की जरूरत नहीं है। यह सुनिश्चित हुआ है कि अमन खान फिर शुभम गोस्वामी के रूप में घर वापसी करेगा। जल्द ही उसकी विधिवत, शास्त्रानुसार हिंदू धर्म में वापसी कराई जाएगी। ऐसे कुकृत्यों के विरुद्ध कानून बनाया गया है और कड़ाई से लागू किया जा रहा है।
मंत्री ने आश्वासन दिया, पुलिस ने दर्ज की FIR
शुभम की शिकायत सामने आने के बाद मंत्री विश्वास कैलाश सारंग उससे मिले और कहा कि युवक की घर वापसी शास्त्रानुसार कराई जाएगी। मंत्री के अनुसार शुभम कुछ समय पहले उनके जनदर्शन कार्यक्रम में आया था और उसने दावा किया कि पड़ोस में रहने वाले एक परिवार ने उस पर लगातार दबाव बनाया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने संबंधित परिवार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारी कह रहे हैं कि जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी।
युवक का आरोप- दबाव, धमकी और सामाजिक डर में फंसा रहा
शुभम के मुताबिक उसकी पहचान 2022 के आसपास एक युवती से हुई, जिसके बाद परिस्थितियां बिगड़ने लगीं। युवक ने आरोप लगाया कि युवती के परिवार ने पहले सामाजिक और कानूनी दबाव बनाया, फिर झूठे केस दर्ज करवाए, जिसके चलते वह जेल भी गया।
बाहर आने के बाद भी धमकियां जारी रहीं और उस पर धार्मिक पहचान बदलने का दबाव बनाया गया। शुभम का कहना है कि उससे नया नाम अपनाने, समुदाय छोड़ने और परिवार से दूरी बनाने के लिए मजबूर किया गया। वह तीन साल घर से दूर रहा और इस दौरान उसकी नौकरी भी चली गई।
शुभम की कहानी — उसकी अपनी जुबानी
शुभम गोस्वामी (जिसे अमन खान कहलाने पर मजबूर किया गया) ने मंत्री विश्वास सारंग के जनदर्शन में पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई। युवक ने कहा कि मैं भोपाल के जहांगीराबाद का रहने वाला हूँ। 2022 के अंत में एक मुस्लिम युवती से जान-पहचान हुई। शुरुआत में सब ठीक लगा लेकिन धीरे-धीरे उसके परिवार ने मेरे ऊपर दबाव बनाना शुरू कर दिया।
युवक ने बताया कि उस परिवार ने उसे समाज, कानून और पुलिस के डर से घेर लिया। उन्होंने मेरे खिलाफ झूठे केस दर्ज कराए। मैं जेल तक गया। बाहर आने पर धमकियां दी गईं कि अगर मैं हिंदू धर्म नहीं छोडूंगा, तो मेरे परिवार को नुकसान पहुंचाया जाएगा। शुभम के मुताबिक, उसके सामने सबसे बड़ा मानसिक दबाव उसकी पहचान छीन लेने का था उन्होंने कहा कि अब तुम शुभम नहीं, अमन खान हो। मजबूरी में मुझे वही नाम बताना पड़ता था। वह तीन साल अपने घर से दूर मुस्लिम मोहल्ले में रहा। युवक ने कहा कि मैंने परिवार से रिश्ता लगभग खत्म कर दिया था। नौकरी भी छूट गई।
घर वापसी की जताई इच्छा
युवक ने कहा कि वह लगातार डर, सामाजिक दबाव और अपनी पहचान खो देने जैसी स्थिति में था। अब उसने जनदर्शन में पहुंचकर पूरा मामला रखा और घर वापसी की इच्छा जताई। मंत्री सारंग ने कहा कि युवक की सुरक्षा और कानूनी प्रक्रिया दोनों सुनिश्चित की जाएंगी।



