इमरान खान के सहयोगियों में आक्रोश: ‘आसिम लॉ’ और शहबाज की कथित Puppetry पर भड़के नेता

इस्लामाबाद 

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं. पार्टी सूत्रों का कहना है कि इमरान खान रावलपिंडी की अडियाला जेल में बेहद खराब परिस्थितियों में रखे जा रहे हैं और उन्हें लगभग पूरी तरह से अकेलेपन में रखा गया है. पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के अंदरूनी सूत्रों ने दावा किया है कि खान को कई बार मारा गया है, हाई-इंटेंसिटी कॉन्फाइनमेंट में रखा गया है और हफ्तों से उनका परिवार या कानूनी टीम उनसे मिल नहीं पाई है.

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी सहयोगी और विश्वासपात्र डॉ. सलमान अहमद ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने वहां के शासन-प्रशासन को सेना प्रमुख और नवनियुक्त चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर की कठपुतली करार दिया है। उन्होंने कहा कि मुनीर के इशारे पर जानबूझकर इमरान खान को यातना दी जा रही है। डॉ. अहमद ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान वर्तमान में असीम लॉ के तहत काम कर रहा है, जहां सेना प्रमुख का अधिकार संवैधानिक और न्यायिक ढांचे को दरकिनार करता है।

डॉ. अहमद का दावा है कि देश के मुख्य लोकतांत्रिक संस्थान पूरी तरह से समझौता किए गए हैं। संसद, न्यायपालिका, पुलिस और सरकार सब आसिम मुनीर द्वारा नियंत्रित हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को आसिम मुनीर की कठपुतलियों से ज्यादा कुछ नहीं बताया। उन्होंने कहा कि इन लोगों के पास नाममात्र की शक्ति है।

हाल ही में पारित 27वें संवैधानिक संशोधन को आलोचकों ने संवैधानिक तख्तापलट बताया है। इस संशोधन ने जनरल मुनीर को जीवन भर के लिए प्रतिरक्षा प्रदान की है, उन्हें फील्ड मार्शल का पद दिया है और उन्हें चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) के रूप में सभी तीनों सेनाओं और परमाणु शस्त्रागार पर अभूतपूर्व नियंत्रण दिया है।

डॉ. अहमद के हमले का मुख्य केंद्र अडियाला जेल में इमरान खान की लंबी हिरासत और उनके साथ किया गया व्यवहार था। उन्होंने आरोप लगाया कि आसिम मुनीर इमरान खान को यातना देकर पानी माप रहे हैं और जेल में पहले दिन से ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इमरान खान की लगातार कैद केवल सेना प्रमुख के इमरान खान की अतुलनीय लोकप्रियता के गहरे डर को दर्शाती है, भले ही उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पर गंभीर सरकारी कार्रवाई हुई हो।

डॉ. अहमद ने कहा कि इमरान खान एक राजनीतिक बंदी हैं, लेकिन उन्हें एक कैदी के अधिकार भी नहीं दिए जाते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री के अधिकार तो भूल ही जाइए।

परिवार को क्यों नहीं मिलने दिया जा रहा?

इमरान खान की बहन अलीमा खानम ने CNN-News18 से कहा कि सरकार इस मुद्दे को बेवजह बड़ा बना रही है. ‘हमसे मिलने देने में दिक्कत क्या है? अगर वे मिलने देते तो ये तमाम अटकलें खत्म हो जातीं,’ उन्होंने कहा. अलीमा का दावा है कि वे नहीं मानतीं कि पाकिस्तान की सत्ता संरचना इमरान खान को शारीरिक नुकसान पहुंचाएगी, लेकिन सरकार का यह रवैया जनता में गुस्सा बढ़ा रहा है.

क्या हालत सच में खराब है?
PTI सूत्रों के मुताबिक इमरान खान की शारीरिक स्थिति धीरे-धीरे खराब होती जा रही है. यह गिरावट लगातार दबाव, खराब जेल परिस्थितियों और पूरी तरह सीमित बातचीत के कारण हो रही है. पहले KP के मुख्यमंत्री उनसे मिल पाते थे, लेकिन अब उन मुलाकातों को भी रोक दिया गया है. सूत्रों का दावा है कि जो भी सेहत को लेकर अपडेट दिया जा रहा था, वह वास्तविक स्थिति को छिपाने के लिए था.

क्या सड़कों पर विरोध शुरू हो सकता है?
अलीमा खानम का कहना है कि जनता का गुस्सा
अब फूटने वाला है. उन्होंने कहा, ‘ये होना ही है. सवाल कब का है. अगर इमरान खान की बहनों ने खुलकर बातें बताईं तो पूरे पाकिस्तान में विरोध भड़क सकता है’. परिवार अब कोर्ट में याचिका दायर कर रहा है कि इमरान खान को तुरंत कोर्ट के सामने पेश किया जाए.

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