उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के तहत 5000 महिलाएं कंडक्टर की भर्ती होगी

लखनऊ
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार राज्य की रोडवेज बसों में अब 5000 महिलाएं कंडक्टर की भर्ती करने का फैसला लिया है. यह भर्ती उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के तहत संविदा के आधार पर होगी. इस फैसले से न सिर्फ महिलाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक मिसाल बनेगा.
महिलाओं को मिलेगी गृह जनपद में नियुक्ति
महिलाओं की सुविधा के लिए सरकार ने खास इंतजाम किया है. इन महिला कंडक्टरों को उनके अपने जिले में ही नौकरी दी जाएगी. इससे उन्हें घर से दूर नहीं जाना पड़ेगा और वे अपने परिवार के साथ रहकर काम कर सकेंगी. यह कदम महिलाओं को सुरक्षित माहौल में नौकरी करने का मौका देगा और उनके लिए काम व घर के बीच तालमेल बनाना आसान होगा.
यूपी परिवहन निगम के नियमों के हिसाब से मिलेगा वेतन
इन कंडक्टरों को यूपी परिवहन निगम के नियमों के हिसाब से वेतन मिलेगा. साथ ही, उन्हें काम करने के लिए जरूरी सारी सुविधाएं भी दी जाएंगी. सरकार का मकसद है कि महिलाएं सम्मान और सुरक्षा के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा सकें.
8 अप्रैल से शुरू होंगे रोजगार मेले
भर्ती प्रक्रिया को तेजी और पारदर्शिता से पूरा करने के उद्देश्य से, राज्य के विभिन्न जिलों में रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है. परिवहन मंत्री ने बताया कि ये मेले निम्नलिखित तिथियों और स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे:
08 अप्रैल 2025: गाजियाबाद, अलीगढ़, बरेली, अयोध्या, वाराणसी
11 अप्रैल 2025: मेरठ, इटावा, हरदोई, देवीपाटन, आजमगढ़
15 अप्रैल 2025: सहारनपुर, झांसी, कानपुर, चित्रकूटधाम, बांदा, प्रयागराज
17 अप्रैल 2025: नोएडा, आगरा, मुरादाबाद, लखनऊ, गोरखपुर
वहां मौके पर ही शुरुआती प्रक्रिया पूरी होगी. इसके अलावा, ऑनलाइन आवेदन का भी ऑप्शन है. महिलाएं यूपीएसआरटीसी की वेबसाइट www.upsrtc.com पर जाकर फॉर्म भर सकती हैं.
सरकार उठाएगी ट्रेनिंग का पूरा खर्च
चयन के बाद महिलाओं को काम सीखने के लिए ट्रेनिंग भी दी जाएगी. यह ट्रेनिंग यूपी कौशल विकास मिशन के तहत होगी. अगर कोई खास ट्रेनिंग चाहिए होगी, तो परिवहन निगम उसका इंतजाम करेगा. ट्रेनिंग से संबंधित सभी खर्चे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) और उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) द्वारा उठाए जाएंगे. यह कदम महिलाओं को नौकरी के लिए तैयार करेगा और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा.